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Hardoi News: श्रद्धालुओं की भक्ति और श्रद्धा के कदम आस्था संग नगवा कोथावां पहुंचे

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फोटो-33- 
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बेनीगंज। श्रद्धालुओं की भक्ति और श्रद्धा के कदम शुक्रवार को आस्था संग 84 कोसी परिक्रमा के तीसरे पड़ाव नगवा कोथावां पहुंचे। रामादल के हाथी-घोड़ा पालकी, जय-जय सीताराम के उद्घोष से वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन, श्रीमद्भागवत कथा, श्रीराम चरित मानस आदि के पाठ किए।
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आस्था का सैलाब शुक्रवार भोर परिक्रमा में शामिल रामादल सीताराम का जाप करते हुए तीसरे पड़ाव नगवा कोथावां पहुंचा। हर्रैया पड़ाव से चिड़ियों की चहचहाहट के बीच भोर में साधु-संतों ने पौराणिक हत्याहरण तीर्थ सरोवर में स्नान किया। हनुमान मंदिर, पंचमुखी मंदिर, काली माता मंदिर, शिव मंदिर में पूजा-अर्चना की। श्रीराम नाम, सीताराम का जाप करते हुए बड़ी संख्या में परिक्रमार्थी पैदल और वाहनों से रवाना हुए। परिक्रमा मेला अध्यक्ष नारायण दास उर्फ नन्हकू दास और साधु-संतों का एसडीएम नारायणी भाटिया व सीओ सतेंद्र सिंह चौहान ने फूलमाला पहनाकर स्वागत किया।
परिक्रमा में मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, नेपाल, राजस्थान,असम, उत्तराखंड के श्रद्धालु बोल कड़ाकड़ सीताराम व बम भोले के उद्घोष के साथ भक्ति, श्रद्धा के कदमों को आस्था के साथ आगे बढ़ाते रहे। भजनों से वातावरण में भक्ति का रस घुलता रहा और ग्रामीण भी श्रद्धालुओं के रंग में रंग गए। पहला आश्रम के पीठाधीश्वर महंत नारायण दास के शिष्य करिया बाबा घोड़े पर सवार होकर नगाड़ा बजाते हुए अगवानी कर रहे थे। बड़ा हनुमान मंदिर मछरेहटा के महंत प्रीतम दास गजानन पर सवार होकर सीताराम का जाप करते हुए रामादल के साथ आगे बढ़ रहे थे।
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मेला अध्यक्ष महंत नारायण दास का जगह-जगह लोगों ने फूल मालाओं से स्वागत किया। सहिजन कला निवासी शिव पूजन शुक्ला ने बताया कि लगातार 10 वर्षों से परिक्रमा कर रहे हैं। परिक्रमा करने से आत्मिक संतुष्टि का अनुभव होता है। बीकानेर राजस्थान के कंहैयालाल, महेंद्र कुमार, सीमा व विमला ने बताया कि पहली बार परिक्रमा का मौका मिला है।
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साधु-संतों की सेवा से मिलता सुकून
कूबेर पब्लिक स्कूल में हर साल की भांति इस बार भी भंडारा लगाया गया। इसमें साधु-संतों को पहले फलाहार, उसके बाद खाना खिलाकर सांसद ने आशीर्वाद प्राप्त किया। सांसद ने बताया कि साधु-संतों की सेवा से सुकून मिलता है। यह भंडारा हर साल किया जाता है।

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