जनरेटर का धुआं लगने से सपा नेता के कामर्शियल भवन में बिजली फिटिंग कर रहे तीन मजदूरों की मौत हो गई, जबकि तीन को गंभीरावस्था में लखनऊ स्थित ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है। मजदूरों की मौत के बाद इलाके में हलचल मच गई। कानपुर से प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम भी मौके पर बुलाई गई है।
अरवल थाना क्षेत्र के बरगदा पुरवा निवासी सपा के जिला महासचिव वीरेंद्र कुमार सिंह उर्फ वीरे यादव के मकान में बिजली फिटिंग का कार्य चल रहा है। रात में भी मजदूर जनरेटर चला कर काम कर रहे थे और बाद में उसी मकान के कमरे में सो गए।
सुबह देर तक दरवाजा न खुलने पर सपा नेता को शक हुआ। उन्होंने दरवाजा खुलवाया तो मजदूर अचेतावस्था में पड़े थे। उनके मुंह से झाग निकल रही थी। आनन-फानन में सभी को सीएचसी भेजा गया, जहां हालत गंभीर देख चिकित्सक ने रेफर कर दिया।
इसके बाद सभी को जिला अस्पताल भेजा गया। जहां चिकित्सक ने सांडी थाना क्षेत्र के लडै़तेपुरवा निवासी महेंद्र रैदास(30), कोतवाली देहात क्षेेत्र के कंथाथोक निवासी कुलदीप तिवारी, शहर कोतवाली क्षेत्र के आशा नगर निवासी रामजी वर्मा के बेटे राजू(15) को मृत घोषित कर दिया।
जबकि अरवल थाना क्षेत्र के उमरौली निवासी विनय(30), अमर पाल(35), महेश(40) की हालत गंभीर देख उन्हें लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया। जिलाधिकारी ने बताया कि मामले की जांच पड़ताल की जा रही है। तीनों लोगों की मौत बंद कमरे में चल रहे जनरेटर से निकली कार्बन मोनो आक्साइड से होने का मामला सामने आया। कानपुर से प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम बुलाई गई है। यह टीम भी पूरे मामले की जांच कर रही है।
सपा नेता के घर में तीन मजदूरों की मौत और तीन के गंभीर रूप से घायल होने का मामला सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। चिकित्सक ने सस्पेक्टेड प्वाइजन की बात कही। इस दौरान चर्चा फैल गई कि तीनों मजदूरों की मौत शराब पीने से हुई है।
लोगों का तर्क था कि रात में काम बंद करने के बाद मजदूर शराब पीए और खाना खाने के बाद शो गए। शराब के जहरीली होने की वजह से उनकी मौत हो गई। इस चर्चा के फैलने की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त रूप से प्रेस कांफ्रेंस बुलाया।
दोनों अफसरों ने दावा किया कि मौक का कारण जनरेटर से निकली मोनो आक्साइड है। उन्होंने शराब पीने से मौत होने की बात का खंडन किया।