समाज कल्याण विभाग के पेंशन पात्रों के खातों में हुई
गड़बड़ियों ने होली के त्योहार को बैरंग कर दिया। समाजवादी पेंशन और
वृद्धावस्था पेंशन के पात्रों के खातों में गलतियों से बैंकों ने 24 हजार
लाभार्थियों की पेंशन रोक दी। बैंक ने गलत खातों की सूची तो विभाग को भेज
दी, पर अब खातों का संशोधन करने में अफसरों को पसीने आ गए हैं।
साफ्टवेयर
की कमी से एक खाते का संशोधन करने में काफी समय लग रहा है। ऐसे में 24
हजार खातों के संशोधन में कई माह लगने की संभावना जताई जा रही, जिसको लेकर
अफसरों ने बड़े अफसरों को अवगत करा दिया है। समाज कल्याण विभाग की समाजवादी
और वृद्धावस्था पेंशन के तमाम पात्रों को पेंशन की राशि अभी तक नहीं
मिल पाई है।
पेंशन पात्रों के खातों में गलतियां होने से हजारों पात्रों
की पेंशन वापस हो गई है। जिसको लेकर पात्रों को परेशान होना पड़ रहा है।
इतना नहीं पात्रों के खातों का संशोधन होने में भर काफी समय लग रहा, जिससे
पात्रों को विभाग के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
एक तो पात्रों को पेंशन नहीं
मिल रही, दूसरी ओर साफ्टवेयर की कमी से संशोधन भी जल्द नहीं हो रहा। इसको
लेकर अफसर भी काफी पशोपेश में हैं। ज्ञात हो कि जिले में समाजवादी पेंशन
के 8,735 पात्र और वृद्धावस्था पेंशन के 16,947 खाते गलत हो गए हैं। इन
पात्रों के खातों में मामूली कमियां थीं।
चूंकि अब ईएफएमएस द्वारा पात्रों
को पेंशन भेजी जाती है, ऐसे में नाम, पिता का नाम या फिर खाता नंबर में
थोड़ी सी भी कमी पाई गई, तो बैंक से धनराशि स्थानांतरण नहीं होता है। खातों
में इन्हीं कमियों से 24,682 पात्रों की धनराशि वापस आ गई।
हालांकि, गलत
खातों का संशोधन विभागीय साफ्टवेयर पर कराया जा रहा, पर एक नाम का संशोधन
करने में पूरे विकास खंड की लिस्ट को खंगालना पड़ रहा है। ऐसे में अभी तक
वृद्धावस्था के 165 और समाजवादी पेंशन के 267 पात्रों के खाते संशोधित हो
सके हैं।
ऐसे में हजारों की संख्या में मौजूद खातों का संशोधन करने में
महीनों भी लग सकते हैं। हालांकि, जिला समाज कल्याण अधिकारी एसएस श्रीवास्तव
ने इस बाबत बड़े अफसरों को पत्र भेजकर गलत खातों की अलग सूची मांगी है,
ताकि अलग से संशोधन कराया जा सके।