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बूंदाबांदी से बढ़ी ठंड, कांपते रहे लोग

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हरदोई। माघके महीने में सावन जैसी बारिश की झड़ी ने मौसम का मिजाज ही बदल दिया है। पिछले दो दिनों से हो रही बारिश की बौछार ने मौसम में ठिठुरन घोल दी है।
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शुक्रवार को भी बारिश की बूंदें रुक-रुककर भिगोती रहीं। उधर, बेमौसम बरसात हरी सब्जियों की फसल पर आफत की बौछार कर रही है। पिछले दो दिनों से जिले में लगातार हो रही बारिश से हजारों हेक्टेयर क्षेत्र में सब्जियों की फसल के नुकसान का अनुमान है।
बारिश के दौरान ठंड कमजोर पड़ी, लेकिन देर शाम फुहार रुकते ही उत्तर पश्चिम दिशा से आई बर्फीली हवा ने सर्दी की रंगत को सुर्ख कर दिया। शाम के वक्त लोग जरूरी काम निपटाकर घर लौटने की जल्दी में दिखे।
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शहर के साथ जिले के कई इलाकों में शुक्रवार को भी बारिश की झड़ी लगी रही। बौछारों का सिलसिला देर शाम तक चला। दफ्तरों और प्रतिष्ठानों में कई जगह अंगीठी और अलाव का लुत्फ लेते लोग देखे गए।
इधर, रंग बदल रहा मौसम राहगीरों को चकमा भी देता रहा। बारिश रुकते ही लोग काम निपटाने सड़क पर आते और फिर अचानक होने वाली बारिश उन्हें भिगोती रही।
शाम से बर्फीली हवाओं ने भीगे मौसम के साथ जुगलबंदी की तो राहगीर ठिठुर उठे। लिहाजा, शाम ढलते-ढलते लोग घरों को रुखसत हो गए। उधर, पिछले दो दिनों से जिले में लगातार हो रही बारिश से हजारों हेक्टेयर क्षेत्र में सब्जियों की फसल के नुकसान का अनुमान है।
कई इलाकों में बारिश से फसल खराब होने की खबरें आ रही हैं। कृषि विशेषज्ञ आलू में भी झुलसा रोग लगने की आशंका जता रहे हैं। कृषि विभाग बारिश बंद होने के बाद फसलों के नुकसान का आकलन करेगा।
टमाटर, मिर्च, मूली, गाजर, प्याज, लोबिया, राजमा और भिंडी जैसी सब्जियों के अलावा आलू और सरसों की फसल पर बारिश का कहर बरपा रही है। कई क्षेत्रों में सरसों की फसल पलट गई है।
कृषि विशेषज्ञों का अनुमान है कि बारिश से हजारों हेक्टेयर सरसों व सब्जियों की फसलें प्रभावित हुई हैं। किसान भी बारिश की वजह से खेतों में जा नहीं पा रहे हैं। खेतों में पानी भरा है, फसलें डूब गई हैं।
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