हरपालपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक साल पहले जिस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का लोकार्पण किया था, उसका संचालन अब भी शुरू नहीं हो सका है। क्षेत्रीय विधायक की मांग शासन में तो सुनी गई लेकिन स्वास्थ्य महकमे में तैनात अधिकारियों और चिकित्सकों ने गंभीरता नहीं दिखाई। यह मामला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौंसार का है।
कटरी के इलाकों में स्वास्थ्य सेवाएं हमेशा से ही चुनौतीपूर्ण रहीं। क्षेत्रीय विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह ने इस चुनौती को स्वीकार किया और शासन स्तर पर प्रयास कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण को मंजूरी दिला दी। लंबे विचार विमर्श के बाद चौंसार में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खोले जाने का निर्णय हुआ। रामगंगा और गंगा नदी के बीच स्थित चौंसार में सीएचसी की मंजूरी से स्थानीय लोगों में भी खुशी है। 9,60,59,000 रुपये की लागत से चौंसार में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भवन बनकर तैयार हो गया। 15 अप्रैल 2025 को रुइया गढ़ी आए मुख्यमंत्री योगी से इसका लोकार्पण भी करा दिया गया था। लोकार्पण के कुछ माह बाद जब इसका संचालन शुरू नहीं हुआ तो सवाल उठने लगे। स्वास्थ्य विभाग के तत्कालीन जिम्मेदारों ने स्थिति स्पष्ट करते हुए दावा किया था कि एक जनवरी 2026 से सीएचसी का संचालन शुरू हो जाएगा। इसको भी चार माह बीत चुके हैं लेकिन अब भी इसका संचालन शुरू नहीं हो सका है।
फर्रुखाबाद और हरदोई की लगानी पड़ती दौड़
मामूली बीमारियों के इलाज के लिए भी चौंसार के आसपास के ग्रामीणों को या तो हरदोई जाना पड़ता है या फिर फर्रुखाबाद। खद्दीपुर, बेड़ीजोर, दहेलिया, मुरवा शाहबुद्दीनपुर, ढकपुरा, बारामऊ, मुर्चा, बेहटा लाखी अरवल समेत 25 गांवों के लोगों को चौंसार सीएचसी का संचालन शुरू होने पर लाभ मिलेगा। दुर्भाग्य यह कि एक साल में भी यहां के लोगों की उम्मीदों को विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के कारण पूरा नहीं किया जा सका।
तैनाती हुई थी स्टाफ की, अब सिर्फ वार्ड कम स्वीपर
23 फरवरी 2026 को चौंसार सीएचसी में स्टाफ की तैनाती मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने की थी। हरपालपुर सीएचसी के चिकित्सा अधिकारी डॉ. हिमांशु, सीएचसी बिलग्राम के फार्मासिस्ट संजय कुमार, शाहाबाद सीएचसी की स्टाफ नर्स दीपिका सिंह और सुनीता रानी की तैनाती चौंसार में की गई थी। हरपालपुर सीएचसी से स्वीपर कम चौकीदार फरहद खान और बेहंदर से विनोद कुमार सिंह की तैनाती चौंसार में हुई थी। इसके अलावा सीएचसी कछौना के वार्ड ब्वाय सुमित कुमार भी तैनात किए गए थे। डॉ. हिमांशु को चौंसार के लिए हरपालपुर से रिलीव भी किया गया था लेकिन वह मेडिकल पर चले गए। फरहाद और विनोद कुमार सिंह सीएचसी चौंसार में ड्यूटी करते हैं।
टेक्नीशियन तैनात पर काम कोई नहीं
बीते 18 मार्च को यहां संविदा पर लैब टेक्नीशियन नीतीश कुमार की तैनाती की गई थी। नीतीश की मूल तैनाती पिहानी सीएचसी में थी। बाद में उन्हें हरपालपुर संबद्ध किया गया था। यहां से 13 मार्च को उन्हें वापस पिहानी भेजा गया और फिर 18 मार्च को चौंसार सीएचसी में उन्हें संबद्ध कर दिया गया। नीतीश आते हैं लेकिन उनके पास कोई काम ही नहीं है। वजह यह कि सीएचसी का संचालन ही नहीं हो रहा।