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Hardoi News: खेत में सिंचाई करने गए युवक का औंधे मुंह मिला शव, हत्या का आरोप

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माधौगंज। माधौगंज थाना क्षेत्र के जेहदीपुर गांव में फसल में पानी लगाने गए युवक का शव देर शाम खेत के पास ही पड़ा मिला। मृतक के पिता ने गांव के ही चार लोगों पर रंजिश में हत्या किए जाने का आरोप लगाया है। जानकारी पर अपर पुलिस अधीाक्षक पूर्वी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। फॉरेंसिक टीम भी नमूने जुटा रही
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है। तेज बारिश के कारण जांच में भी परेशानी आ रही है। शव पर चोट के कोई खास निशान न मिलने की बात चर्चा में है।जेहदीपुर निवासी चंद्रशेखर (22) ऑटो चलाने के साथ ही खेती भी करता था। पिता बालकराम के मुताबिक चंद्रशेखर रविवार दोपहर खेत मेंधान की फसल में पानी लगाने गया था। शाम को लगभग साढ़े पांच बजे बालकराम ने चंद्रशेखर को फोन किया। कई बार फोन मिलाने पर भी मोबाइल रिसीव नहीं हुआ तो वह खेत पर गए। यहां उनके ही मक्के और धान के खेत के बीच गलियारे में चंद्रशेखर औंधे मुंह पड़ा मिला। उसके कान और नाक से खून निकल रहा था। पानी बरसने के कारण मौके पर काफी कीचड़ भी हो चुका था।
इसी बीच चंद्रशेखर के चचेरे भाई निशक्त प्रमोद ने बताया कि गांव के ही चार लोग खेत की तरफ से दौड़ते हुए गांव की तरफ जा रहे थे। इन्हीं चार लोगों पर रंजिश के कारण हत्या का आरोप पिता ने लगाया है। अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी नृपेंद्र, सीओ बिलग्राम रवि प्रकाश सिंह मौके पर पहुंचे और घटना की जांच की। अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अभी कुछ कहना संभव नहीं है। शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। इससे काफी कुछ स्पष्ट हो जाएगा। मृतक के पिता ने चार लोगों पर हत्या किए जाने का आरोप लगाया है। इस बिंदु पर भी जांच की जा रही है।
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31 जनवरी को पीटा गया था चंद्रशेखर, चलागया था कोमा में
चंद्रशेखर आटो चलाता था। पिता बालकराम के मुताबिक बीती 31 जनवरी को चंद्रशेखर माधौगंज से तपनौर जा रहा था। रास्ते में गांव के शिवा, सनी, शिवम, श्यामबाबू ओर अरुण ने उसे घेर लिया था। धारदार हथियारों और लाठी डंडों से बेरहमी से पीटा था। चोटों के कारण चंद्रशेखर कोमा में चला गया था। धारदार हथियार से हमले और जानलेवा हमले की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। बालकराम का दावा है कि पुलिस ने आरोपियेां को गिरफ्तार नहीं किया था। घटना की वजह को लेकर उन्होंने कहा कि आरोपी ब्रजवासी हैं। यह लोग दिसंबर में एक धार्मिक स्थल के पास बैठकर अशोभनीय गाने गा रहे थे। चंद्रशेखर भी वहीं बैठा था। उसने इस पर आपत्ति जताई थी। उस वक्त तो मामला शांत हो गया, लेकिन बाद में 31 जनवरी को उस पर हमला कर दिया गया था।
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