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Hardoi News: महाराजा सल्हीय को पासी बताने पर अर्कवंशी समाज ने सांसद के खिलाफ खोला मोर्चा

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फोटो-36-अशोक रावत। आर्काइव
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हरदोई। संसद में बयान के दौरान महाराजा सल्हीय और मल्हीय को पासी समाज का बताना मिश्रिख सांसद अशोक रावत के लिए मुसीबत का सबब बन गया हैं। अखिल भारतीय अर्कवंशी क्षत्रिय महासंघ ने सांसद का बयान संसद की कार्रवाई से हटाए जाने की मांग की है। महासंघ ने अशोक रावत का बहिष्कार किए जाने की घोषणा करते हुए जरूरत पड़ने पर घेराव किए जाने की भी बात कही है।
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शहर में स्थित एक रेस्टोरेंट में पत्रकारों से बातचीत में अखिल भारतीय अर्कवंशी क्षत्रिय महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश अर्कवंशी ने तीखे तेवर दिखाए। उन्होंने कहा कि अशोक रावत चुनाव के समय महाराजा सल्हीय को अर्कवंशी मानते हुए उनका चित्र लगाकर वोट मांगते हैं। अब उन्हें महाराजा सल्हीय पासी समाज के नजर आने लगे हैं। दावा किया कि सुनियोजित षड़यंत्र के तहत सांसद को आगे कर दिया गया और पर्दे के पीछे कोई और चाल चल रहा है।
कहा कि सांसद ने इतिहास और अर्कवंशी समाज के सम्मान के साथ छेड़छाड़ की है। यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आशंका है कि अशोक रावत अपना क्षेत्र बदलना चाहते हैं और शायद इसीलिए इस तरह के बयान संसद में दे रहे है। दावा किया कि वर्ष 2004 में संस्कृति विभाग ने महाराजा सल्हीय की प्रतिमा संडीला में स्थापित कराई थी। इसमें बाकायदा उन्हें अर्कवंशी समाज का बताया गया है। पत्रकार वार्ता मे महासंघ के संरक्षक शिव भगवान रघुनायक, लोक संघर्ष पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर प्रसाद अर्कवंशी, सुभासपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुनील अर्कवंशी, भानू सिंह अर्कवंशी, यदुनाथ सिंह अर्कवंशी, सतीश कुमार शास्त्री आदि मौजूद रहे।
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यह कहा था सांसद ने सदन में
मिश्रिख के सांसद अशाेक रावत ने बीते शुक्रवार को सदन में बयान दिया था। इसमें कहा था कि पासी समाज के गौरवशाली इतिहास और उसके महान शासकों के अतुलनीय योगदान को विद्यालयों के इतिहास पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए। इनके नाम लेने के दौरान उन्होंने महाराजा मल्हीय और सल्हीय का नाम भी लिया था। इस बयान के बाद से ही अर्कवंशी समाज सांसद के खिलाफ मुखर है।


संसद में जो बयान दिया है, वह गजेटियर में भी आता है। गजेटियर में अलग अलग स्थानों पर मल्हीय और सल्हीय को पासी समाज का बताया गया है। उन्होंने कहा कि 1200ई. के इतिहास में इनका जिक्र हैं। इतिहासकारों से इस पर चर्चा होनी चाहिए। -अशोक रावत, सांसद, मिश्रिख

फोटो-36-अशोक रावत। आर्काइव

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