हरदोई। कार्यस्थल पर महिलाओं के उत्पीड़न को रोकने के नियम-कानून कारगर नहीं दिख रहे हैं।
बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की एक नवनियुक्त सुपरवाइजर ने कार्यालय के ही लिपिक पर शारीरिक, मानसिक उत्पीड़न और अभद्रता का आरोप लगाया है। पीड़िता ने डीएम और सीडीओ को शिकायती पत्र देकर लिपिक के उत्पीड़न से बचाने की गुहार लगाई है। वहीं अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया है। जांच के बाद कार्रवाई की बात कही है।
बाल विकास सेवा और पुष्टाहार विभाग में नवनियुक्त सुपरवाइजर ने ने डीएम, सीडीओ को दिए शिकायती पत्र के साथ ही निदेशक और संघ को पत्र की प्रति भेजी है। पीड़िता का आरोप है कि वह बाल विकास सेवा और पुष्टाहार विभाग की एक परियोजना में तैनात है। कार्यालय में तैनात लिपिक बैडटच किया करते हैं। मना करने पर निलंबित कराने की धमकी देते हैं। पीड़िता का कहना है कि कार्यालय ही नहीं वह लखनऊ घर जाने के लिए जिस ट्रेन से जाती है, उसी ट्रेन के उसी कोच में वह भी सवार हो जाते हैं और सफर के दौरान भी परेशान करते हैं। सुपरवाइजर ने लिपिक की मौजूदगी में कार्यालय में खुद को असुरक्षित बताया है। सीडीओ ने मामले की जांच शुरू करा दी है। जल्द ही रिपोर्ट मांगी है, उसी आधार पर कार्रवाई की बात कही है।