हरदोई। मेडिकल कॉलेज में शव वाहन चालकों की मनमानी पर नकेल कसने के प्रबंधन के दावे पूरी तरह खोखले साबित हो रहे हैं। शव लेकर जाने से मना किए जाने के मामले में स्वास्थ्य विभाग की तरफ से चालक को हटाने के लिए पत्र लिखे जाने के बाद भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। आउटसोर्स कर्मचारी पर कार्रवाई करने का मामला भी फाइलों में अटका पड़ा है।
मेडिकल कॉलेज में किसी मरीज की मौत होने पर शव को घर तक पहुंचाने के लिए निशुल्क व्यवस्था है। दो शव वाहन और चालक इसके लिए हर वक्त तैनात रहते हैं। इसके बाद भी शवों को लेकर जाने में परिवारीजनों को निजी एंबुलेंस और अन्य वाहनों से लेकर जाना पड़ता है। इसके लिए निजी एंबुलेंस चालक मनमाना किराया वसूलते हैं।
बता दें कि अभी दो दिन पहले मंंगलवार की रात को कन्हईपुरवा निवासी एक महिला की मौत होने पर शव लेकर जाने से चालक जफर के मना करने पर मामला तूल पकड़ गया। इसके पहले भी वह कई बार शव लेकर जाने में आनाकानी करता आ रहा है। इसी बात पर इमरजेंसी प्रभारी डॉ. अमित आनंद और सीएमएस डाॅ. चंद्र कुमार ने प्राचार्य को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा।
प्राचार्य डॉ. जेबी गोगोई ने भी कार्यदायी संस्था सन फैकल्टी को पत्र भेजकर चालक को हटाने के निर्देश दिए। दो दिन बीत गए हैं लेकिन अभी तक चालक से संबंधित कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्राचार्य ने बताया कि कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं, अगर संस्था की तरफ से कार्रवाई नहीं होती है तो वह जरूर कार्रवाई करेंगे।