हरदोई। लखनऊ दिल्ली रूट पर संडीला के पास उमरताली से दलेलनगर के बीच तड़के पांच बजे दुर्गियाना एक्सप्रेस का पेंटोग्राफ ओएचई तारों से उलझ कर टूट गया था। धमाके के साथ ओएचई लाइन 500 मीटर तक क्षतिग्रस्त हो गई थी। ऐसे में लखनऊ से आने वाला अप रूट करीब 13 घंटे तक प्रभावित रहा था। राजधानी व वंदेभारत समेत कई ट्रेेनें रूट डायवर्जन और डीजल इंजन लगाकर भेजी गईं थीं।
इस घटना से शाहजहांपुर, बरेली, मुरादाबाद से दिल्ली जाने वाले करीब छह हजार यात्री परेशान हुए थे। शाम को छह बजे के बाद ट्रेन संचालन दुरूस्त हो गया, लेकिन घटना के पीछे कई सवाल हैं कि आखिरकार ओएचई लाइन किस वजह से टूटी। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक आदित्य गुप्ता ने बताया कि प्रथम दृष्टया तकनीकी खामी लग रही है, लेकिन विभागीय जांच रिपोर्ट में स्थिति स्पष्ट होगी।
हरदोई। विभागीय जानकारों के अनुसार ओएचई लाइन के टूटने के पीछे कुछ कारण हो सकते हैं, जिसके लिए जांच कराई जाएगी।
सवाल 1- दुर्गियाना एक्सप्रेस के पेंट्रोग्राफ में ओएचई लाइन फंसी तो क्या ट्रैक्शन वितरण (टीआरडी) विभाग ने लाइन की जांच नहीं की थी। अगर लाइन में पहले से कुछ कमी थी तो उसकी जांच कर सही करना था।
सवाल 2- दुर्गियाना एक्सप्रेस का इंजन का पेंट्रोग्राफ भी क्षतिग्रस्त हुआ है ऐसे में जांच का विषय है कि कहीं इंजन का पेंट्रेग्राफ पहले से तो क्षतिग्रस्त नहीं था, जिसमें ओएचई लाइन फंस गई और टूट गई।
सवाल 3- गाड़ी संख्या 15903 डिब्रूगढ़-चंडीगढ़ एक्सप्रेस इसके पहले इस रूट से निकली थी। वैसे तो उमरताली से दलेलनगर के बीच पांच किलोमीटर के रास्ते को तय करने में पांच मिनट का समय लगता है, लेकिन उस दिन इस ट्रेन को दूरी तय करने में 20 मिनट तक का समय लगा।
सवाल 4- डिब्रूगढ़-चंडीगढ़ ट्रेन के गुजरने के दौरान उमरताली से दलेलनगर के बीच लाइन बार बार ट्रिप हो रही थी, तो अगर कोई समस्या थी तो ट्रेन के पायलट को सूचित करना था और टीआरडी विभाग को भी मौके पर जाकर जांच करनी थी।
हरदोई। इन सवालों के इर्दगिर्द घूम रही घटना को जांचने के लिए एक संयुक्त रिपोर्ट बनाई जाएगी जो मंडल कार्यालय भेजी जाएगी। जहां से यदि कोई लापरवाही पकड़ी जाएगी तो कार्रवाई संभव है।