प्रजापिता ब्रह्मा कुमारी ईश्वरीय विवि में रविवार को
संस्था के संस्थापक प्रजापिता ब्रह्मा बाबा की पुण्य तिथि को विश्व शांति
दिवस के रूप में मनाया गया। वक्ताओं ने कहा कि 32 वर्षों तक अथक एवं अविरल
तपस्या करते हुए उन्होंने पुराना चोला छोड़ फरिश्ता बन गए।
अनुयायियों
को संबोधित करते हुए सेवा केंद्र की इंचार्च बीके रोशनी ने कहा कि चारो धाम
परमपिता परमात्मा जो सारे विश्व के पिता हैं, रचयिता हैं। सृष्टि के आदि,
मध्य व अंत के ज्ञाता हैं की याद दिलाने वाले है। संस्था के फाउंडर प्रज्ञा
पिता ब्रह्मा त्याग और तपस्या के प्रतिमूर्ति थे।
उन्होंने निश्चय बुद्धि,
एक बल, एक भरोसे पर रह पूरे विश्व में शांति, एकता एवं सद्भावना का पाठ
पढ़ाया। बीके रामनरेश ने प्रजापिता की जीवन कहानी सुनाते हुए कहा कि जिस
प्रकार ब्रह्मा बाबा ने निंदक को गले लगाया और सभी जाति धर्म के लोगों में
भाई भाई की दृष्टि पक्की कराई, उस प्रकार से ही हम सभी को बनना है।
वीके
सतीश ने कहा कि कथनी और करनी को एक करके अपने जीवन को सर्वश्रेष्ठ बनाना
है। वीके शांति ने कहा कि मेडिटेशन के बल से अपने परिवार में खुशहाली ला
सकते हैं। सेवा केंद्र पर संस्था के चार धाम बाबा का कमरा, बाबा की झोपड़ी,
बाबा का शांति स्तंभ एवं हिस्ट्री हाल के बाबत भी जानकारी दी गई तथा पुष्प
अर्पित कर उनके बताए रास्ते पर चलने का आह्वान किया गया।