फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hardoi News: डेढ़ माह में कर पाए टेंडर, तीन माह में बनाया अनुबंध, काम फिर भी शुरू नहीं

विज्ञापन
कुछ ऐसी है संडीला में सेंट थेरेसा बाईपास की  दशा।  - फोटो : कुछ ऐसी है संडीला में सेंट थेरेसा बाईपास की दशा।
विज्ञापन
हरदोई। विकास कार्याें काे रफ्तार देने की सरकार और जनप्रतिनिधियों की मंशा काे ठेकेदार-अभियंताओं का गठजोड़ पलीता लगा रहा है। संडीला में सेंट थेरेसा बाईपास के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण का प्रस्ताव मंजूर होने के साढ़े चार माह बाद भी निर्माण शुरू नहीं हो पाए हैं।
विज्ञापन

यह हाल तब है जब 8,81,14,000 रुपये के प्रस्ताव के सापेक्ष 4,40,57,000 रुपये बीते वर्ष सितंबर में ही अवमुक्त हो गए थे। हद तो यह कि निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद बॉन्ड बनाने में ही तीन माह का समय लग गया। जब बॉन्ड बनने में ही तीन माह लग गए तो काम पूरा होने में लगने वाले समय का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।
आम बोलचाल की भाषा में संडीला की सेंट थेरेसा बाईपास सड़क को विभागीय अभिलेखों में मेहंदीघाट-संडीला मार्ग से संडीला औद्योगिक क्षेत्र बाईपास नाम दिया गया है। कुछ लोग इसे आसू तिराहे से इमलियाबाग तिराहा को जोड़ने वाली सड़क भी कहते हैं। 3775 मीटर लंबी इस सड़क में बेहिसाब गड्ढे हैं। ज्यादातर भारी वाहन इसी सड़क से निकलते हैं। इसके अलावा संडीला कस्बे में लगने वाले जाम से बचने के लिए भी लोग इस सड़क का इस्तेमाल आवागमन में करते हैं।
विज्ञापन

स्थानीय जनप्रतिनिधियों के प्रयासों से 25 सितंबर 2024 को उक्त मार्ग के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण का प्रस्ताव मंजूर कर लिया गया था। 3775 मीटर लंबी सड़क को सात मीटर चौड़ाई में नए सिरे से बनाए जाने के लिए 8,81,14,000 रुपये का प्रस्ताव मंजूर हुआ था। मंजूरी के साथ ही पचास फीसदी बजट भी जारी हो गया था। इसके बाद विभाग ने निविदा प्रक्रिया पूरी कराई। अक्तूबर में निविदा प्रक्रिया पूरी हुई, लेकिन अनुबंध बनाने में तीन माह लग गए। बीती 15 जनवरी को इसका बॉन्ड यानी अनुबंध बनाया गया है। इसको भी एक माह होने को है, लेकिन काम शुरू नहीं हुआ।


हर रोज निकलते हैं 12546 लोग

उक्त मार्ग के सुदृढ़ीकरण का प्रस्ताव तैयार करते समय आवागमन करने वालों का सर्वे भी किया गया था। विभागीय भाषा में इसे पैसेंजर कार यूनिट (पीसीयू) कहा जाता है। इसके मुताबिक प्रतिदिन 12546 लोगों का आवागमन इस मार्ग पर होता है। इसी तरह विभाग ने कॉमर्शियल व्हीकल पर-डे (सीवीपीडी) का भी सर्वे कराया था। इसमें पता चला कि हर रोज इस मार्ग से 962 वाणिज्यिक वाहन भी गुजरते हैं।


विभागीय सूत्र बताते हैं कि सड़क का काम हासिल करने के लिए ठेकेदारों में जबरदस्त प्रतिस्पर्धा हुई थी। तय मूल्य से तीस फीसदी कम पर एक ठेकेदार ने टेंडर हासिल कर लिया। टेंडर तो ले लिया, लेकिन इतने कम रेट पर काम करना बड़ी चुनौती है। विभागीय जानकार बताते हैं कि अनुबंध गठित करने के लिए सिक्योरिटी जुटाने में ही ठेकेदार को काफी समय लग गया। जब ठेकेदार ने सिक्योरिटी लगाई, तब अनुबंध गठित हुआ। अब देखने वाली बात यह है कि काम कब शुरू होगा और कब खत्म।


काम शुरू होने में देरी की बात जानकारी में नहीं थी। अब पता चला है तो पूरा मामला दिखवाएंगे। तय समय में काम पूरी गुणवत्ता के साथ पूरा कराया जाएगा। निविदा प्रक्रिया और अनुबंध गठित करने में हुए विलंब के लिए लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं से जवाब तलब होगा। लापरवाही जिसकी भी होगी, उस पर कार्रवाई करेंगे। -मंगला प्रसाद सिंह, डीएम, हरदोई
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें