हरदोई। शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र के कैथा गौंटिया गांव में सोमवार सुबह एक किशोरी का शव कमरे में फंदे से लटका मिला। पिता की सूचना पर पहुंची पुलिस ने बंद कमरे का दरवाजा तोड़कर शव को फंदे से नीचे उतारा और कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पिता ने बेटी के मानसिक रूप से बीमार होने की बात कही।
गांव निवासी राधेश्याम खेती कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। एक छोटी बेटी शिल्पी (17) और तीन बेटे हैं। तीनों बेटे घर से बाहर रहकर मजदूरी करते हैं जबकि शिल्पी कक्षा आठ तक पढ़ाई करने के बाद घर पर रहकर घरेलू कामों में अपनी मां कांता देवी का हाथ बंटाती थी। पिता ने बताया कि रविवार रात को खाना खाने के बाद शिल्पी अपने कमरे में सोने चली गई थी।
सोमवार सुबह जब काफी देर तक वह कमरे से बाहर नहीं निकली तो माता-पिता ने उसे आवाज दी लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। दरवाजे की दराज से झांक कर देखा तो शिल्पी का शव दुपट्टे के फंदे से लटका मिला। सूचना पाकर मौके पर पहुंची शाहाबाद कोतवाली पुलिस ने कमरे का दरवाजा तोड़कर शव को नीचे उतारा। पिता ने बताया कि शिल्पी बीते काफी समय से मानसिक रूप से बीमार थी। कोतवाल अरविंद कुमार राय ने बताया कि शुरुआती जांच में मामला खुदकुशी का लग रहा है लेकिन मौत के सही कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद चल सकेगा।