हरदोई। भरखनी ब्लॉक के शिक्षकों को उम्मीद है कि प्रदेश में भी पुरानी पेंशन बहाल होगी। शिक्षकों ने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के फैसले का स्वागत करते हुए भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया।
प्रदेश में पुरानी पेंशन बहाली को लेकर शिक्षक कर्मचारी संगठन लंबे वर्षों से संघर्ष कर रहे हैं। राजस्थान सरकार के साथ महाराष्ट्र सरकार ने भी पुरानी पेंशन बहाली की घोषणा कर दी है।
झारखंड सरकार ने भी 2004 के बाद नियुक्त सरकारी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन का लाभ देने की सहमति व्यक्ति की है, जिसके बाद भरखनी ब्लॉक के सैकड़ों शिक्षकों में भी पुरानी पेंशन बहाली की उम्मीद जगा दी है। शिक्षकों का मानना है कि मांग पूरी किया जाना बड़ी बात है।
कुछ दलों ने चुनावी एजेंडे में पुरानी पेंशन बहाली का वादा किया है, ऐसे में अब सरकार कोई भी बने उसे पुरानी पेंशन बहाल करनी ही होगी, नहीं तो शिक्षक संगठन अपने हक की लड़ाई लड़ेंगे।
प्राथमिक शिक्षक संघ भरखनी के अध्यक्ष संदीप त्रिवेदी, कृष्ण मुरारी अवस्थी, जनार्दन मिश्र और शिवओम कटियार शिक्षक ने कहा कि नई पेंशन को बेहतर बताते हुए अभी तक सरकारों ने शिक्षकों को सिर्फ भ्रमित किया है।
अब बहानेबाजी नहीं चलेगी। सरकारी कर्मचारी अब अपना हित जान चुके हैं, सरकार को पुरानी पेंशन बहाल करनी होगी।