माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षा का मूल्यांकन
कार्य तीनों परीक्षा केंद्रों पर शुरू हो गया, वहीं वित्तविहीन शिक्षक
संगठन के प्रदेश पदाधिकारियोें की गिरफ्तारी के विरोध में जिले के 101
टीचरों ने गिरफ्तारी दी जिन्हें रिहा कर दिया गया। वहीं शिक्षक
पदाधिकारियों ने शर्मा गुट के प्रदेश अध्यक्ष का पुतला फूंक विरोध जताया और
सचिव के पत्र को फर्जी करार देते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
ज्ञात हो कि
माध्यमिक शिक्षा परिषद की परीक्षा की कापियों का मूल्यांकन कार्य 30 मार्च
से शुरू हुआ था। तीन दिन तक सभी संगठन एक साथ मूल्यांकन कार्य का विरोध
किया था। इसके बाद शिक्षक संघ के शर्मा गुट ने मूल्यांकन कार्य शुरू कर
दिया था।
छह दिन तक एसडी कालेज में मूल्यांकन कार्य नहीं हुआ, पर सोमवार को
वहां पर भी मूल्यांकन कार्य शुरू हो गया। सोमवार को एसडी कालेज में 20
डीएचई और 1928 परीक्षकों ने 1928 कापियां जांची। उप नियंत्रक सियाराम ने
बताया कि मूल्यांकन कार्य शांति पूर्वक चला। आरआर इंटर कालेज में भी शांति
पूर्ण तरीके से मूल्यांकन कार्य होता रहा।
जीआईसी में सोमवार को 10288
कापियां जांची गई। उप नियंत्रक योगेंद्र कुमार ने बताया कि मूल्यांकन कार्य
शांति पूर्वक चला। इधर, वित्तविहीन शिक्षक महासभा के प्रदेश अध्यक्ष और
महामंत्री की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों ने
जीआईसी से जुलूस निकाला और कलक्ट्रेट पहुंच कर शर्मा गुट के प्रदेश अध्यक्ष
का पुतला फूंककर विरोध जताया।
इसके अलावा प्रदेश पदाधिकारियों के
गिरफ्तारी दी। नगर मजिस्ट्रेट को 101 टीचरों की गिरफ्तारी के लिए सूची दी।
नगर मजिस्ट्रेट लक्ष्मी शंकर सिंह ने कहा सभी को गिरफ्तार किया जाता है और
इसके बाद कहा सभी को रिहा किया जाता है। सभी शिक्षक इसके बाद जीआईसी
मूल्यांकन केंद्र पहुंचे।
माध्यमिक शिक्षक संघ चंदेल गुट के जिला मंत्री
ज्ञानेंद्र उपाध्याय ने बताया कि प्रदेश स्तर पर वार्ता चल रही है।
उन्होंने बताया कि जीआईसी प्रधानाचार्य शासन के व्यक्ति है। इसलिए उन्होंने
शासन की बात कर रहे। उन्होंने सचिव के पत्र पर भी प्रश्न चिन्ह लगाए।
जीआईसी प्रधानाचार्य योगेंद्र कुमार ने बताया कि उन्होंने जिलाध्यक्ष बादाम
सिंह को सचिव के पत्र की प्रति उपलब्ध करा दी थी। उन्होंने बताया कि
जिलाध्यक्ष बादाम सिंह का कहना था कि सचिव का पत्र गलत है उस पर सचिव के
हस्ताक्षर फर्जी है।