हरदोई। हरियावां विकास खंड के एक गांव निवासी महिला लखनऊ के अस्पताल में प्रसव के बाद स्वाइन फ्लू की चपेट में आ गई। हालांकि महिला की स्थिति अब पहले से बेहतर है और संबंधित गांव व परिवार में कोई अन्य व्यक्ति स्वाइन फ्लू की चपेट में नहीं मिला है।
हरियावां विकास खंड के एक गांव निवासी व्यक्ति की पत्नी प्रसव पीड़ा के कारण लखनऊ के क्वीनमैरी हास्पिटल में 18 फरवरी को भर्ती हुई थी। ऑपरेशन से उसने बच्ची को जन्म दिया। 21 फरवरी तक वह पूरी तरह स्वस्थ थी, लेकिन दोपहर बाद उसे बुखार आ गया। 23 फरवरी को स्वाइन फ्लू की जांच कराई और और 25 को रिपोर्ट आने पर इसकी पुष्टि हुई। सूचना क्वीनमैरी हास्पिटल ने संचारी रोग विभाग के निदेशक को भेजी तो उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को अवगत कराया। सीएमओ ने जिला मुख्यालय से चिकित्सकों की टीम संबंधित गांव भेजी और जांच कराई। गांव में कोई भी बुखार रोगी नहीं मिला। सीएमओ डॉ. एसके रावत ने स्थिति सामान्य होने की जानकारी शासन को भेज दी है। उधर दूसरी ओर स्वाइन फ्लू से पीड़ित महिला अभी भी क्वीनमैरी हास्पिटल में भर्ती है, लेकिन बुखार से निजात मिल चुकी है।
ये सतर्कता बरतें
- नाक और आंख से संक्रमण रोग तेजी से फैलते हैं। इसलिए छींकते समय मुंह पर रुमाल जरूर रखें। बाहर से घर आने पर हाथ साबुन से धोएं। हाथ मिलाने की जगह नमस्ते का अभिवादन भी बचाव के रूप में बताया गया है।
हर जुकाम-खांसी स्वाइन फ्लू नहीं
चिकित्सक बताते हैं कि किसी भी प्रकार का वायरल इंफेक्शन खासी और जुकाम से शुरू होता है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि हर जुकाम खासी स्वाइन फ्लू है। स्वाइन फ्लू में निमोनिया की भी शिकायत हो जाती है। ज्यादा दिनों तक बुखार आने पर स्वाइन फ्लू की जांच करा लेना उचित रहेगा।