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सुमेरगंज के लिए एंजिल से कम नहीं 11 वर्षीय ज्योति

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मल्लावां के सुमेरगंज की कक्षा चार की छात्रा ज्योति को सम्मानित करते शिक्षकगण। संवाद - फोटो : HARDOI
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मल्लावां (हरदोई)। मां-बाप ने अलग होकर दूसरी शादी कर ली लेकिन 11 साल की पुत्री का आत्मविश्वास नहीं डिगा। कुछ करने की चाह में वह अन्य बालिकाओं के लिए नजीर बन गई। उसने मीना मंच के साथ मिलकर बालिका शिक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में सराहनीय कार्य किया। इसमें उसके शिक्षकों ने भी सहयोग किया। ये हैं सुमेरगंज स्थित प्राथमिक विद्यालय की कक्षा चार की छात्रा ज्योति देवी। उसे पांच मार्च को लखनऊ में सीएम सम्मानित करेंगे।
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अधिकारियों और शिक्षकों की मानें तो ज्योति वास्तव में पावर एंजिल है। क्योंकि 11 साल की उम्र में जिन हालातों का सामना उसने किया, वह सभी के लिए प्रेरणा से कम नहीं। बालिका शिक्षा के ब्लॉक सह समन्वयक व मीना मंच के नोडल अधिकारी प्रवीण कुमार ने बताया कि सूबे के मुख्यमंत्री की शीर्ष प्राथमिकता वाली बालिका शिक्षा को प्रोत्साहन और गुणवत्ता संवर्धन करने के लिए परिषदीय विद्यालयों में मीना मंच के तहत विभिन्न शैक्षिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन प्रत्येक शनिवार को कराया जाता है।
जिले में उत्कृष्ट कार्य करने वाली छात्रा ज्योति देवी विलक्षण प्रतिभा की धनी है। छात्रा के पिता छोटेलाल और माता लक्ष्मी किसी कारण एक दूसरे से अलग हो गए थे। कुछ समय बाद उन्होंने दूसरी शादी कर ली। छात्रा नाना बालकराम निवासी ग्राम सुमेरगंज के यहां रहकर पढ़ाई कर रही है। ज्योति को मां शारदे की प्रतिमा भेंट कर स्कूल के शिक्षकों ने बधाई दी। इस मौके पर प्रधानाध्यपक यशवंत सिंह , अंजना गौतम, ब्रजेश अवस्थी, यशवंत सिंह व प्रज्ञा पटेल मौजूद रहे।
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अन्य छात्रों के लिए यूं बनी प्रेरणा
- ज्योति के व्यक्तित्व से प्रभावित होकर कई बालिकाओं ने जीवन मूल्यों की शिक्षा पाई। जिससे छात्राओं की उपस्थिति में भी काफी हद तक वृद्धि हुई है।
- पावर एंजिल ज्योति ने गांव में बाल विवाहों पर भी रोक लगाने के लिए लोगों को जागरूक किया। शिक्षकों की माने तो वह पढ़ने व क्राफ्ट आदि में भी उत्कृष्ट प्रतिभा की धनी है।
- ज्योति ने स्वयं के अधिकारों के लिए भी संघर्ष किया। उसने बताया कि उसकी मां पहले उसकी कम उम्र में ही शादी करना चाहती थी लेकिन उसने आवाज बुलंद की, विरोध किया। स्कूली शिक्षकों का सहयोग मिला जिसके बाद नाना उसे साथ लेकर गए।
- ज्योति मीना मंच की पावर एंजिल है। वह अन्य छात्राओं के साथ मिलकर गांव-गांव कुरीतियों के खिलाफ नाटक करती है। शिक्षकों का कहना है कि उसके प्रयास से आज हर गांव का बाशिंदा जानता है कि बाल विवाह कानूनन अपराध है।
केस स्टडी से हुआ चयन
शिक्षकों द्वारा ज्योति की जीवनी पर तैयार केस स्टडी निदेशालय भेजी गई थी। सूबे के प्रत्येक ब्लाक से मीना मंच के जरिये अपने स्तर से बालिका का चयन करके परियोजना भेजा गया था। जिसके बाद पूरे सूबे से 20 बालिकाओं का चयन हुआ, जिसमें ज्योति भी शामिल है।
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