हरदोई। फर्म द्वारा परिषदीय विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए स्वेटर के सैंपल मानक के विपरीत देने के बाद अब इसमें एक और खेल सामने आया है। हाल ये है कि सैंपल में दिए गए स्वेटर का वजन साइज के हिसाब से कम था। इस पर जिन स्वेटरों की आपूर्ति फर्म ने की है, वह सैंपल से भी हल्के हैं। ऐसे में बच्चों की ठंड कैसे दूर होगी, ये सवाल उठना जायज है। स्वेटर की आपूर्ति को लेकर हुई टेंडर प्रक्रिया पर पहले ही सवाल उठ चुके हैं और अब कमीशन की चर्चाएं भी तेज हैं।
परिषदीय विद्यालयों में छात्रों को निशुल्क स्वेटर वितरण किया जाना है। विभाग से जुड़े विश्वस्त सूत्रों के अनुसार जेम पोर्टल पर हुई टेंडर प्रक्रिया में जिस फर्म को स्वेटर आपूर्ति का कार्य मिला है, उसे प्रति स्वेटर 164.80 रुपये का भुगतान होना है। आपूर्ति की जिम्मेदारी जिस फर्म को है, वह खुद स्वेटर बनाती ही नहीं है। 90 रुपये से लेकर 112 रुपये प्रति स्वेटर के हिसाब से खरीदने के बाद इन्हें विभाग में भेजा जा रहा है। 112 से 164.80 रुपये के बीच का अंतर स्वेटर वितरण की हकीकत बताने के लिए काफी है। अधिकांश स्वेटर जनपद में ही एक कस्बे से विभिन्न विद्यालयों में आपूर्ति के लिए भेजे जा रहे हैं। (ब्यूरो)
इस तरह हुआ मानकों में खेल
- 26 नंबर के स्वेटर का वजन मानक के मुताबिक 245 ग्राम होना चाहिए था। सैंपल में दिए गए स्वेटर का वजन 158 ग्राम था, जबकि जो स्वेटर भेजे गए उनका वजन 156 ग्राम ही निकला।
- 28 नंबर के स्वेटर का वजन 265 ग्राम होना चाहिए था, लेकिन सैंपल 154 ग्राम का दिया और आपूर्ति की गई 145 ग्राम के स्वेटर की।
- 30 नंबर के स्वेटर का वजन 285 ग्राम होना चाहिए था, लेकिन सैंपल में भेजे गए स्वेटर का वजन 194 ग्राम और आपूर्ति किए गए स्वेटर का वजन 190 ग्राम ही निकला।
- 32 नंबर के स्वेटर का वजन 305 ग्राम होना चाहिए, सैंपल मिला 218 ग्राम और जो आपूर्ति मिली उसमें स्वेटर का वजन 185 ग्राम था।
बीएसए बोले, नोटिस का जवाब नहीं मिला
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हेमंत राव ने बताया कि संबंधित फर्म को भेजी गई नोटिस का जवाब नहीं मिला है। मानक से हल्के सैंपल और सैंपल से भी हल्के स्वेटर दिए जाने की जानकारी मिली है। स्वेटर बदलवाए जाएंगे। फिर भी सुधार नहीं हुआ तो भुगतान में कटौती की जाएगी।