फोटो-24- जिला अस्पताल में मेडिकल के लिए आए आरोपी विकास राजपूत और संजय सिंह। संवाद
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हरदोई। व्यावसायिक होड़ में शहर के एक प्रतिष्ठित कारोबारी ने दूसरे कारोबारी की हत्या करने की सुपारी दे दी। सुपारी दिए जाने की जानकारी मिलने पर पुलिस सक्रिय हो गई और सुपारी किलर समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इसके बाद भी पुलिस पूरे मामले को असली गुनहगार तक पहुंचने के लिए गोपनीय बनाए रही। शनिवार को पुलिस असली गुनहगार तक पहुंच गई। दो और लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
शहर के मोहल्ला अशराफ टोला निवासी मनीष गुप्ता अलग-अलग कारोबार करते रहे हैं। कुछ समय पहले वह मिठाई और रेस्टोरेंट के कारोबार में भी आ गए। उन्होंने कोलकाता स्वीट हाउस शहर के रामदत्त चौराहा के निकट खोलने के बाद गायत्री पीठ वाली गली में कोलकाता स्वीट्स एंड रेस्टोरेंट के नाम से भी प्रतिष्ठान खोला। इसी गली में शहर का प्रसिद्ध मिर्चाराम स्वीट्स भी है। आम बोलचाल में मिर्चाराम स्वीट्स को लाखन की दुकान भी कहा जाता है। दुकान के संचालक विकास राजपूत ने मनीष गुप्ता के रेस्टोरेंट उन्हीं की दुकान के पड़ोस में खोले जाने पर खुन्नस रख ली। शहर कोतवाल शैलेंद्र श्रीवास्तव के मुताबिक मनीष गुप्ता की हत्या करने की सुपारी विकास राजपूत ने 10 लाख रुपये में पंडनपुरवा निवासी संजय सिंह को दी। संजय सिंह ने छिबरामऊ निवासी राजू पाल से संपर्क किया और आठ लाख रुपये में हत्या की सुपारी दे दी। डेढ़ लाख रुपये एडवांस भी राजू को दे दिए गए। कोतवाल शैलेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि 15 फरवरी को ही पूरे मामले की एफआईआर दर्ज कर ली गई थी। विवेचना के दौरान राजूपाल निवासी छिबरामऊ, पंकज निवासी मैनपुरी, आशीष निवासी फर्रुखाबाद गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। असली गुनहगार तक पहुंचने के लिए पूरे मामले को बेहद गोपनीय रखा गया। शनिवार को पुलिस ने विकास राजपूत पुत्र लाखन राजपूत को गिरफ्तार कर सख्ती से पूछताछ की तो उसने व्यावसायिक प्रतिस्पर्द्धा में सुपारी दिए जाने की बात कबूल कर ली। मेडिकल कराने के बाद उसे जेल भेज दिया गया।
मनीष का व्यवहार जान पिघल गया था सुपारी लेने वाला राजू
पूरे मामले की तह तक पहुंचने में आठ लाख रुपये में मनीष गुप्ता की सुपारी लेने वाले राजू ने पुलिस की खासी मदद की। दरअसल राजू पाल ने 13 फरवरी को सीधे मनीष गुप्ता को मोबाइल पर कॉल की और बताया कि उसकी सुपारी दी गई है। राजू ने मनीष से मिलने की इच्छा भी जताई थी। इस पर मनीष ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। मनीष ने राजू से अपनी दुकान पर ही मुलाकात की। इस दौरान राजू ने मनीष को बताया कि हत्या के लिए डेढ़ लाख रुपये एडवांस मिले हैं। मनीष का व्यवहार शहर में अच्छा है, इसलिए वह उसकी हत्या नहीं करना चाहता। राजू ने कहा कि डेढ़ लाख रुपये एडवांस मिले थे वह खर्च हो गए हैं, इसलिए डेढ़ लाख रुपये दे दो तो वह हत्या नहीं करेगा, लेकिन तब तक पुलिस पूरे मामले का खुलासा करने में लग चुकी थी। धीरे-धीरे पुलिस ने कड़ी से कड़ी जोड़ी और सुपारी देने वाले विकास राजपूत तक जा पहुंची। विकास और राजू की मुलाकात पंडनपुरवा निवासी संजय सिंह ने कराई थी।
दो लाख का फायदा लेकर बेची थी सुपारी
पूछताछ में पुलिस को संजय सिंह ने बताया कि विकास राजपूत ने 10 लाख रुपये में मनीष गुप्ता की हत्या करने की बात तय की थी। विकास ने संजय से ये भी कहा था कि तुम किसी और से कम रुपये में हत्या करा सकते हो तो करा दो, जो रुपये बचें वह तुम्हीं ले लेना। ऐसे में संजय सिंह ने छिबरामऊ निवासी राजू पाल से संपर्क किया और आठ लाख रुपये में सुपारी बेच दी। डेढ़ लाख रुपये भी एडवांस दे दिए, हालांकि विकास से एडवांस के रूप में दो लाख रुपये लिए गए थे।