हरदोई। छह दिन के सांकेतिक कार्य बहिष्कार के बाद चार विद्युत वितरण खंडों के अधिकारियों समेत 300 से अधिक कर्मचारी राज्य विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर सोमवार से पूर्ण कार्य बहिष्कार पर चले गए। जिले के सभी 58 उपकेंद्रों पर कार्यरत बिजली कर्मी शहर में आशानगर स्थित अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर एकत्र हुए और धरना प्रदर्शन किया। इसी दौरान मेन लाइन में फाल्ट होने से सुबह 11 बजे माधौगंज उपकेंद्र से पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। वहीं संडीला नगर के उपकेंद्र से जुड़े शहर के एक हिस्से और दोपहर बाद रुइया उपकेंद्र से जुड़े क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। सभी उपकेंद्रों पर संविदाकर्मियों ने आपूर्ति सुचारु करने का प्रयास किया लेकिन करीब 20 हजार लोग बिजली संकट से परेशान रहे।
17 सूत्री मांगों को लेकर बिजली विभाग के कर्मियों के कार्य बहिष्कार पर जाने के बाद उपकेंद्रों के संचालन का जिम्मा संबंधित उपकेंद्रों पर तैनात संविदा, ठेका कर्मियों ने संभाला। सुबह 11 बजे माधौगंज उपकेंद्र की आपूर्ति अचानक ठप हो गई। वहां मौजूद कर्मियों ने जानकारी जुटाई तो पता चला कि बघौली के पास मेन लाइन में फाल्ट आ गया है। मेन लाइन पर काम करने का अधिकार न होने के कारण कर्मियों ने इसकी जानकारी कंपनी के अधिकारियों को दी। कर्मियों के मुताबिक फाल्ट के कारण उपकेंद्र से जुड़े लगभग 17 हजार लोग प्रभावित हैं। वहीं दोपहर 12 बजे संडीला कस्बा स्थित उपकेंद्र के इमलियाबाग फीडर की आपूर्ति भी बाधित हो गई, यहां भी काफी प्रयास के बाद कर्मी आपूर्ति बहाल नहीं कर सके। जिस पर इसकी जानकारी अधिकारियों को दी गई। दोपहर 3.30 बजे से माधौगंज के रुइया उपकेंद्र से जुड़े क्षेत्रों की बिजली भी गुल हो गई। इसमें करीब तीन हजार लोग परेशान रहे।
कर्मी बोले - सरकार कर रही छल
सोमवार सुबह आशा नगर में एकत्र हुए अधिकारी व कर्मचारियों ने आशा नगर स्थित अधिशासी अभियंता कार्यालय में धरना दिया व सभा की। सभा की अध्यक्षता संघर्ष समिति के जिला प्रभारी व शाहाबाद के अधिशाषी अधिकारी राजकुमार कुर्मी ने की। कहा कि सरकार बिजली विभाग का निजीकरण कर सभी के साथ छल कर रही है। इससे युवाओं से सरकारी नौकरी के अवसर छिन जाएंगे, साथ ही उपभोक्ताओं को भी प्राइवेट कंपनियों के शोषण का शिकार होना पड़ेगा। कहा कि 16 अन्य मांगें भी सरकार के पास लंबित हैं, जिन पर निर्णय नहीं हो सका है। जब तक निर्णय नहीं होता है तब तक आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन के दौरान अधिशासी अभियंता प्रथम एके सिंह, अधिशासी अभियंता द्वितीय ओपी पाल, अधिशासी अभियंता संडीला सरीन अग्रवाल, एसडीओ आदित्य सिंह, अमित सिंह, फैजल खान, रणधीर सिंह, दीपक जायसवाल, सौरभ अवस्थी, मनोज कुमार, रजनीकांत रावत, सुरेश व सर्वेश आदि मौजूद रहे।
एसडीएम ने बहाल कराई विद्युत आपूर्ति
सवायजपुर। बिजली कर्मियों के कार्य बहिष्कार के कारण सोमवार को एसडीएम दीपक वर्मा ने मुंडेर गांव स्थित 132 केवी पावर हाउस का निरीक्षण किया। यहां संविदा कर्मी एसएसओ प्रमोद कुमार व सहायक रमेश चंद्र मौजूद मिले। निरीक्षण के दौरान सवायजपुर से मुंडेर के बीच फाल्ट होने के कारण आपूर्ति बंद होने की बात पता चलने पर एसडीएम ने कर्मियों को मौके पर भेजकर फाल्ट ठीक कराया। एसडीएम ने तहसील मुख्यालय स्थित 33 /11 केवी के पावर हाउस का भी निरीक्षण किया। यहां एसएसओ दिनेश चंद्र मौजूद मिले, सप्लाई बहाल मिली। एसडीएम ने बताया कि व्यवस्था बनी रही, इसके लिए उपकेंद्रों पर पुलिस बल भी तैनात किया गया है।
प्राइवेट कर्मियों ने संभाली आपूर्ति व्यवस्था
बिजली विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों के पूर्ण कार्य बहिष्कार पर जाने के बाद सोमवार को उपकेंद्रों के संचालन व आपूर्ति व्यवस्था संभालने का जिम्मा संविदा कर्मियों के हवाले रहा। सुबह से ही अधिकांश केंद्रों पर प्राइवेट कर्मचारी मुस्तैद नजर आए। छोटी मोटी फाल्ट की शिकायत मिलने पर कर्मचारी उसे ठीक कर आपूर्ति बहाल रखने में लगे रहे।
वर्जन
राज्य विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति नेतृत्व के निर्देश पर कर्मचारी कार्य बहिष्कार पर हैं। समिति द्वारा जलापूर्ति व अस्पतालों समेत इमरजेंसी सेवाओं में बिजली आपूर्ति बहाल रखने के निर्देश दिए गए हैं। कोई शिकायत मिलती है तो कार्रवाई की जाएगी।
- एनके मिश्रा, अधीक्षण अभियंता, विद्युत विभाग
वर्जन
लगभग 900 संविदा कर्मचमारी सुबह से ही जनपद के 58 उपकेंद्रों पर उपस्थित आपूर्ति व्यवस्था को बहाल रखे हैं। कर्मचारी पूरी तन्यमता से काम कर रहे हैं। माधौगंज व संडीला नगर के कुछ हिस्से को छोड़कर कहीं कोई परेशानी नहीं हुई है।
- राजेश कुमार गुप्ता, जिलाध्यक्ष उप्र पावर कारपोरेशन निविदा/संविदा कर्मचारी संघ
ये हैं विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति की मांगें
- ऊर्जा क्षेत्र में किए जा रहे निजीकरण के प्रयास पर विराम लगाया जाए, पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के निजीकरण किए जाने के प्रस्ताव को निरस्त किया जाए। ऊर्जा क्षेत्र की प्रगति और बेहतरी के लिए समग्रता में सुधार कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।
- अवर अभियंता के एसीपी व्यवस्था में विद्यमान नान फंक्शनल ग्रेड पे रुपये 4800 एवं अन्य को विलोपित किया जाए।
- सीधी भर्ती के सहायक अभियंता को द्वितीय एसीपी के प्रारंभिक वेतनमान (ग्रेड पे रुपये 8700) पर देय 2 वेतन वृद्धि के लाभ के अनुरूपता में प्रोन्नत सहायक अभियंता के तृतीय एसीपी (ग्रेड पे रुपये 8700) में प्रारंभिक वेतनमान पर 2 वेतनवृद्धि का लाभ प्रदान किया जाए।
- उप्र पावर कारपोरेशन लिमिटेड सहित सभी ऊर्जा निगमों में अवर अभियंता से सहायक अभियंता पद पर प्रोन्नति के लिए पात्रता अवधि सात वर्ष की जाए।
- इन मांगों के साथ ही 12 अन्य मांगों को लेकर विद्युत कर्मचारी लंबे समय से आंदोलनरत हैं।