फोटो-14- हड़ताल के बाद काम करते दस्तावेज लेखक। संवाद
हरदोई। ई-रजिस्ट्री के विरोध में 16 दिन की हड़ताल के बाद भूमि-भवन के बैनामा, वसीयत और दान पत्र का काम शुरू हो गया। एक दिन में जिले में 284 बैनामा, वसीयत और दान पत्र लिखवाए गए। इससे सरकार को करीब 92.16 लाख का राजस्व प्राप्त हुआ। हड़ताल के बाद शुरू हुए कामकाज से दस्तावेज लेखकों और रजिस्ट्री कार्यालयों में भीड़-भाड़ भी रही।
ई-रजिस्ट्री और निबंधन कार्यालय के निजीकरण के विरोध में दस्तावेज लेखक, स्टांप वेंडर और वकील 15 जून से हड़ताल पर चले गए थे। इससे 30 जून तक किसी भी भूमि-भवन की लिखापढ़ी नहीं हो सकी थी। इससे क्रेता-विक्रेता परेशान भी हुए और सरकार को राजस्व की क्षति भी पहुंची। वहीं हड़ताल समाप्त होने के बाद एक जुलाई से दस्तावेज लेखक, स्टांप विक्रेता और वकीलों ने कामकाज शुरू कर दिया। इससे एक जुलाई को ही एक ही दिन में जिले की पांचों तहसीलों में भूमि-भवन के बैनामा, वसीयत और दान पत्र के 284 काम निपटाए गए। इससे सरकार को 92,16,235 रुपये प्राप्त हुए।
कलक्ट्रेट स्थिति सदर उप निबंधक कार्यालय में एक दिन में 62 मामलों में 31,40,920 रुपये प्राप्त हुए। बिलग्राम के उप निबंधक मनोज कुमार मिश्रा ने बताया कि 48 मामलों में करीब 18.53 लाख राजस्व प्राप्त हुआ। शाहाबाद के उप निबंधक प्रवीण कुमार ने बताया कि 31 रजिस्ट्री की गई हैं। इनमें 11.65 लाख, संडीला के उप निबंधक शशि कुमार यादव ने बताया कि 73 बैनामे हुए हैं। इसमें 53.19 लाख, सवायजपुर की उप निबंधक नेहा ने बताया कि 33 बैनामा किए गए जिनसे सरकार को 9.97 लाख का राजस्व प्राप्त हुआ।