हरदोई। पंचायतों में सामग्री की आपूर्ति पर लगने वाले कर की चोरी के बाद अब विकास खंडों में राज्य कर के तीन करोड़ से अधिक रुपये बकाया हैं। ब्लॉकों की ओर से वैट प्रणाली के समय कर जमा न किए जाने से यह बकाया चला आ रहा है। राज्य कर विभाग ने इसकी वसूली के लिए रिकवरी प्रमाण पत्र (आरसी) भी जारी कराई है, लेकिन अभी तक वसूली नहीं हो पाई है।
पंचायतों में कराए जाने वाले कार्यों के लिए की जाने वाली सामग्री की खरीदारी पर राज्य कर लिए जाने की व्यवस्था है। आपूर्तिकर्ता फर्म को भुगतान के समय राज्य कर की कटौती करते हुए भुगतान की स्थिति में राज्य कर को विभाग के शासकीय खाता में हस्तांतरित किया जाता है। फर्म को भुगतान की स्थिति में फर्म संचालक की ओर से कर जमा किए जाने की जिम्मेदारी होती है। राज्य कर विभाग की ओर से वैट प्रणाली की व्यवस्था के समय का बकाया कर राज्य कर विभाग में जमा न होने की दशा में विभाग ने वसूली की प्रक्रिया तेज की है।
बताया गया कि 19 विकास खंडों की ओर से वर्ष 2014-2015 से 2017-18 की अवधि में वैट प्रणाली के समय का करीब 3.68 करोड़ रुपये कर जमा नहीं किया गया है। राज्य कर के रुपये जमा न किए जाने पर विभाग की ओर से राजस्व बकाया वसूली की भांति वसूली के लिए आरसी जारी कराई गई है। राज्य कर विभाग के उपायुक्त ने इस राशि की वसूली कराए जाने के लिए संबंधित विभाग के साथ ही अपर जिलाधिकारी को भी पत्र लिखा है।
आरसी की प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी गई है। राज्य कर विभाग की ओर से बकाया और वसूली का पत्र मिला है, इसमें बकाया अधिक दर्शाया गया है। ऑनलाइन प्रदर्शित हो रहे बकाया में से 20 प्रतिशत की वसूली सितंबर माह में किए जाने के आदेश डीएम की ओर से संबंधित तहसीलदारों को जारी कर दिए गए हैं। राज्य कर विभाग के अधिकारियों से कहा गया है कि बकाया की भिन्नता को भी दुरुस्त करा लिया जाए। -
प्रियंका सिंह, अपर जिलाधिकारी