पिहानी (हरदोई)। भाजपा से नजदीकियों के चलते समाजवादी पार्टी से निलंबित चल रहे क्षेत्रीय विधायक श्याम प्रकाश ने सपा सरकार की नीतियों का पुरज़ोर विरोध करते हुए ऐलान किया है कि अगला चुनाव वह सपा-बसपा से किसी भी सूरत नहीं लड़ेंगे। उन्होंने समग्र लोहिया ग्राम सूची में शामिल देहलिया समेत चार गांवों को सूची से हटाए जाने की तैयारी का भी विरोध किया।
नगर में स्थित अजय वाजपेयी के आवास पर सोमवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए विधायक श्यामप्रकाश ने कहा कि सूची से हटाए जा रहे गांव के लोगाें ने उन्हें सपा प्रत्याशी के रूप में वोट दिए थे। अब उनके साथ यह व्यवहार उचित नहीं है। यदि इन गांवों का नाम सूची से कटा तो वह अदालत तक इनकी लड़ाई लडे़ेंगे। इसके साथ ही इन गांवाें की जनता से भी सपा से बदला लेने का आह्वान किया।
उन्होंने एमएलसी चुनाव में सपा के विरोध में मतदान करने की बात स्वीकारते हुए कहा कि सपा से बार-बार उन पर कार्रवाई की धमकी दी जा रही है। यदि हिम्मत है तो धमकी के बजाय सीधे कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि जिले में सपा एक व्यक्ति के हाथों की कठपुतली बन कर रह गई है। उनके कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न हुआ। वह अराजकता के माहौल पर एक विधायक होकर भी अंकुश लगा पाने में सक्षम नहीं रहे। यही वजह रही कि सपा से मोहभंग हुआ। उन्होंने ऐलान किया कि राजनीति केवल गोपामऊ विधानसभा क्षेत्र में करेंगे।
बसपा पर धन के बदले टिकट फरोख्त करने का आरोप लगाते हुए कहा कि अखिलेश सीएम पद की गरिमा का निर्वहन नहीं कर पाए। जनता को क्षेत्रीय दलों के चंगुल से निकलना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने गत दिवस नगर में आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर जाम आदि की निंदा करते हुए बर्खास्त सिपाही को बहाल किए जाने की मांग की। कहा कि यह गौकशी करने वालों की साजिश थी। सिपाही गौकशी के खिलाफ सख्त था, जिसके चलते उसे निशाना बनाया गया। इस अवसर पर धर्मेश मिश्रा, धीरज गुप्ता, विपिन मिश्रा, विमलेश तिवारी व सरनाम सिंह आदि मौजूद थे।