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Hardoi News: मोबाइल चोरी में पकड़ा गया बेटा, पिता का संदिग्ध हालात में मिला शव

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हरदोई। शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में मोबाइल चोरी के आरोप में पकड़े गए दो बच्चों में एक के पिता का शव देहात कोतवाली क्षेत्र के कौंढ़ा गांव के पास बाग में संदिग्ध हालात में पड़ा मिला।
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शव मिलने पर पहले तो परिजनों ने रात भर शाहाबाद कोतवाली में रखे जाने और इसके बाद शव मिलने को लेकर आशंकाएं जताईं, लेकिन देर शाम चुप्पी साध ली। तीन चिकित्सकों के पैनल से शव का पोस्टमार्टम कराया गया, लेकिन मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई। विसरा सुरक्षित किया गया है।

शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र के एक गांव से बीती नौ सितंबर को यूपी 112 पर मोबाइल चोरी किए जाने की सूचना दी गई। इस पर यूपी 112 की टीम मौके पर पहुंची और दो बच्चों को चोरी के तीन मोबाइल के साथ पकड़ लिया। इनमें से एक बच्चे ने तीन में एक मोबाइल अपनी मां का होने की जानकारी दी। साथ ही एक मोबाइल 200 रुपये में बेच देने की बात पुलिस को बताई। पीआरवी दोनों बच्चों को शाहाबाद कोतवाली ले गई। दोनों बच्चे नाबालिग थे, इसलिए इनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई।
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दोनों बच्चों के परिजनों को कोतवाली बुलाया गया और बच्चों को अगले दिन कोतवाली भेजने की बात कहकर छोड़ दिया गया। एक किशोर के पिता को रात में कोतवाली में ही रोके रखने की बात चर्चा में है। 10 सितंबर को दोनों बच्चों को बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के सामने पेश किया गया। समिति ने दोनों बच्चों को परिजनों को सौंप दिया और मामले की सुनवाई के लिए 25 सितंबर की तारीख तय कर दी।

उधर, दूसरी ओर 10 सितंबर की रात एक बच्चे के पिता का शव देहात कोतवाली क्षेत्र में कौंढ़ा गांव में संदिग्ध हालात में बाग में पड़ा मिला। बृहस्पतिवार को शव की पहचान होने पर परिजनों में कोहराम मच गया।





देहात कोतवाली क्षेत्र के बाग में मिले शव को लेकर देहात कोतवाल हल्के में मामला लेते रहे। पहचान हो जाने पर भी घटना की पृष्ठभूमि को लेकर उन्होंने वरिष्ठ अफसरों को कोई जानकारी नहीं दी। इसी बीच एसपी नीरज कुमार जादौन को पूरा मामला पता चला तो उन्होंने तीन चिकित्सकों के पैनल से पोस्टमार्टम कराने का निर्णय लिया। इसके बाद डॉ. प्रतीक नलवा, डॉ. पियूष गुप्ता और डॉ. अंकुर त्रिपाठी का पैनल गठित हुआ। वीडियोग्राफी भी कराई गई। शव पर चोट के कोई निशा नहीं मिले हैं, लेकिन मौत की वजह स्पष्ट न होने से विसरा सुरक्षित किया गया है।



दोनों बच्चों को पुलिस के साथ सीडब्ल्यूसी के पास भेजा गया था। इनके परिजनों को दूसरे ऑटो से हरदोई भेजा गया था। मृतक को एक पुलिस कर्मी ने 200 रुपये भी ऑटो का किराया देने के लिए दिए थे। कौंढ़ा में पिता ऑटो से उतर गया था, लेकिन उसने सवारियेां के हरदोई तक के रुपये दे दिए थे। बाकी रुपये वापस लेकर वह वहां से चला गया था। इसके बाद क्या हुआ और कैसे वह बाग तक पहुंचा इसकी जानकारी पुलिस कर रही है। -मार्तंड प्रकाश सिंह, एएसपी पश्चिमी
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