संडीला। साहब! हम अभी भी भूमिहीन हैं। पट्टा तो मिला लेकिन आज तक भूमि की पैमाइश ही नहीं की गई। आटुका गांव निवासी लक्ष्मीनारायण ने डीएम को दिए शिकायती पत्र में बताया कि भूमि की पैमाइश न होने से अभी तक कब्जा नहीं मिल सका है। ऐसे ही अन्य फरियादियों ने भी अपनी-अपनी समस्याओं से जुड़े शिकायती पत्र दिए।
नई तहसील में शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस की डीएम अनुनय झा ने अध्यक्षता की। 269 शिकायतें प्राप्त हुईं इसमें से छह को मौके पर ही निस्तारित किया गया। मवई मुसलमानान गांव निवासी अरविंद, रामू, राकेश और मुकेश ने शिकायती पत्र देकर बताया कि गांव में पहले से आरसीसी सड़क बनी है। आरोप लगाया कि प्रधान ने उसी सड़क पर खड़ंजा निर्माण के नाम पर रुपये निकाल लिए। मामले की जांच भी हो चुकी है लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
कछौना क्षेत्र के रानीखेड़ा गांव निवासी आकाश ने शिकायती पत्र देते हुए बताया कि फसल को मवेशियों से बचाने के लिए खेत के चारों ओर लोहे के तार लगाए थे। गांव के कुछ लोगों ने तार निकाल दिए है। इससे फसल खराब हो गई। डीएम ने शिकायतों को सुनने के साथ ही अधिकारियों से कहा कि सभी शिकायतों को समयसीमा के अंदर स्थलीय जांच और दोनों पक्षों को सुनते हुए निष्पक्ष समाधान किया जाए।
इससे पहले डीएम ने तहसील में अधुना कैंटीन का शुभारंभ किया। इस मौके पर एसपी एके मीणा, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नारायणी भाटिया, सीओ श्लोक गौतम, सीएमओ डॉ. भवनाथ पांडेय, पीडी एके मौर्या, ईओ अनिरुद्ध कुमार, बीडीओ गौरी राठौर, सीएचसी अधीक्षक डॉ. मनोज कुमार सिंह आदि अधिकारी मौजूद रहे।
सदर तहसील में एसडीएम मयंक कुंडू ने शिकायतों को सुना। अधिकारियों से कहा कि शिकायतों का समय से निराकरण करा लिया जाए। तहसीलदार सचिंद्र शुक्ला सहित अधिकारी मौजूद रहे।