हरदोई। गर्मी चरम पर है। साहब! बिजली आपूर्ति व्यवस्था धड़ाम हो गई है। किसान संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में खराब ट्रांसफार्मर और जर्जर लाइन व बिजली के खंभे समय से बदले नहीं जाते हैं। एक तो पर्याप्त आपूर्ति नहीं मिलती और जब आपूर्ति शुरू की जाती है तो जर्जर लाइन से कहीं न कहीं हादसा हो जाता है और किसान को अपनी जान तक गंवानी पड़ जाती है। उर्वरक भी तय मूल्य पर दिलाया जाए।
किसान संगठन पदाधिकारियों और अधिकारियों-उर्वरक विक्रेताओं की डीएम अनुनय झा की अध्यक्षता में शनिवार को स्वामी विवेकानंद सभागार में बैठक हुई। संगठन पदाधिकारियों और किसानों ने गांवों में जर्जर पोल, विद्युत तार, खराब ट्रांसफार्मर आदि की समस्याओं को उठाया। जर्जर बिजली तार और खंभों के कारण होने वाली जन और पशु हानि को रोकने की भी मांग की। किसानों की बात सुनने के बाद डीएम ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जर्जर पोल, विद्युत तार तत्काल प्रभाव से बदलवाए जाएं। खराब ट्रांसफार्मरों को समय से बदला जाए और रोस्टर के मुताबिक उपभोक्ताओं को विद्युत आपूर्ति दी जाए। कहा कि जब जिले को मांग के अनुरूप बिजली उपलब्ध हो रही है तो आपूर्ति को भी सुनिश्चित कराया जाए।
उन्होंने उर्वरक विक्रेताओं को निर्देश दिए कि किसानों को निर्धारित मूल्य पर ही उर्वरक दी जाए। किसानों से कहा कि सभी सरकारी समितियों पर उर्वरक उपलब्ध है। किसान खसरा-खतौनी आदि प्रमाण-पत्र दिखाकर निर्धारित मूल्य पर उर्वरक प्राप्त कर सकते हैं। बैठक में एडीएम न्यायिक प्रफुल्ल त्रिपाठी, डीडी कृषि सतीश कुमार पांडेय, जिला कृषि अधिकारी डॉ. सतीश चंद्र पाठक, एआर सहकारिता आशीष मेहता, भाकियू जिलाध्यक्ष प्रगट सिंह व भाकृद से सरोज दीक्षित आदि मौजूद रहे।