किसानों, युवाओं, मजदूरों, छात्रों, महिलाओं, बुजुर्गों, व्यापारियों व
सरकारी कर्मियों की समस्याओं को दरकिनार करने वाली सरकारों की जनविरोधी
नीतियों के खिलाफ भारतीय कृषक दल देशव्यापी सत्याग्रह करेगा। इसकी शुरुआत
एक जनवरी से डीएम दफ्तर परिसर से होगी।
रविवार को पत्रकारों से वार्ता
करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष सरोज दीक्षित ने यह बात कही। कहा कि देश में
किसानों के साथ सरकारें धोखा कर रही हैं। पूंजीवाद को बढ़ावा देकर कृषि को
किसानों से छीनने का एक बड़ा षड्यंत्र रचा जा रहा है। किसानों को प्राकृतिक
आपदा जैसे सूखा, बाढ़ आदि पर केवल घोषणाएं की जा रही न की उनको अमली जामा
पहनाया जा रहा है।
किसानों सहित अन्य वर्गों की समस्याओं के निराकरण को आए
दिन पार्टी ने लखनऊ से लेकर दिल्ली तक धरना प्रदर्शन किया, पर निदान नहीं
निकला। सरकारों की इसी उदासीनता पर पार्टी एक जनवरी 15 से ग्राम पंचायत तक
राष्ट्र व्यापी सत्याग्रह चलाएगी। इसके साथ ही एक सात सूत्रीय ज्ञापन भी
प्रदेश व केंद्र सरकारों को सौंपेगी।
कहा कि सत्याग्रह में मुख्य रूप से
वर्ष 1960 के आधार पर ही उसी के अनुरूप महंगाई को देखते हुए कृषि उपजों का
समर्थन मूल्य तय करना व मां गंगा को अधिकतम पांच वर्ष में अविरल, निर्मल
करना, ग्राम पंचायत स्तर पर ही चिकित्सा, शिक्षा, सुरक्षा एवं किसानों के
उर्वरक, रसायन व बीजों की व्यवस्था आदि मांगों में शामिल हैं। इस दौरान
योगेंद्र बाजपेई, राजेंद्र प्रसाद, अमित शुक्ला, मोहन सिंह, विजय सिंह, राम
भजन आदि मौजूद थे।