- स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण में की गई है कूड़ा उठाने के लिए खरीदारी
- 360 ग्राम पंचायतों ने लिए हैं ई-रिक्शा
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। गांवों में कूड़ा उठाने के लिए की गई ई-रिक्शा की खरीदारी से जुड़े अभिलेख एक माह बीतने के बाद भी सात विकास खंड नहीं दे पाए हैं। पंचायत सचिव से लेकर बीडीओ तक के हाथ अभिलेख देने में कांप रहे हैं। अभिलेख न मिलने से ई-रिक्शा की खरीदारी से जुड़ी रिपोर्ट डीएम को नहीं दी जा सकी है।
स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण में गांवों में साफ-सफाई और कूड़ा उठान के लिए ग्राम पंचायतों ने ई-रिक्शा की खरीदारी की है। ई-रिक्शा की खरीदारी में मनमानी और गड़बड़ी की गई है। इस मामले को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया। मामले को संज्ञान लेते हुए डीएम मंगला प्रसाद सिंह ने डीपीआरओ के माध्यम से सभी सभी विकास खंडों से ग्राम पंचायत अभिलेख तलब कराए।
डीपीआरओ ने सभी बीडीओ के माध्यम से ग्राम पंचायत वार खरीदारी के अभिलेख उपलब्ध कराने के लिए 6 मार्च को पत्र लिखा। अभी तक 19 में से 7 विकास खंडों ने अभिलेख नहीं दिए हैं। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि 19 विकास खंड की 360 ग्राम पंचायतों ने ई-रिक्शा की खरीदारी की है। जिसमें से अभी तक 159 ग्राम पंचायतों के ही अभिलेख 12 विकास खंडों से मिल पाए हैं।
जबकि 101 ग्राम पंचायतों के अभिलेख बीडीओ, एडीओ और पंचायत सचिवों ने नहीं दिए हैं। विकास खंड टोडरपुर में 13, टड़ियावां में 24, पिहानी में 30, कछौना में 29, बिलग्राम में 25, भरावन में 26 और अहिरोरी में 15 ग्राम पंचायतों में ई-रिक्शा की खरीदारी की गई है। इन ग्राम पंचायतों के अभिलेख न मिल पाने से डीएम को आख्या और अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए गए हैं।
बीडीओ और एडीओ समेत पंचायत सचिवों से मांगा गया जवाब
गांवों में ई-रिक्शा की खरीदारी के संबंध में जिलाधिकारी ने पत्रावलियां तलब कराई हैं। सभी बीडीओ के माध्यम से एडीओ और संबंधित पंचायत सचिवों से पत्रावलियों को जुटाते हुए उपलब्ध कराने के लिए 18 मार्च को दोबारा से सात दिन का समय दिया गया था। अभी तक सात विकास खंडों ने पत्रावलियां नहीं दी हैं। सभी को चेतावनी दी गई है। सभी से जवाब-तलब भी किया गया है। जवाब आने के बाद परीक्षण किया जाएगा। उसी के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
विनय कुमार सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी