हरदोई। मनरेगा से रोजगार देने के साथ ही होने वाले निर्माण से सृजित होने वाली संपत्तियों और पौधरोपण की जियो टैग में सात ब्लॉक पिछड़ गए हैं। इन विकास खंडों की स्थिति के कारण जिले की स्थिति गड़बड़ा गई है।
मनरेगा में जॉब कार्डधारक परिवारों को गांव में ही रोजगार देने के साथ ही निर्माण कार्य भी कराए जा रहे हैं। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने मनरेगा मद से सृजित संपत्तियों की जियो टैग कराते हुए अक्षांश और देशांतर के साथ फीड किए जाने की व्यवस्था दी है। इसी के साथ इस वर्ष गांवों में रोपित कराए गए पौधों की भी जियो टैग हरितिमा एप पर कराई जानी है। बताया गया कि संपत्तियों के जियो टैग में विकास खंड सुरसा में 1,940, शाहाबाद में 1,543, बिलग्राम में 1,360 और टड़ियावां में 987 संपत्तियों की जियो टैग नहीं कराई गई है। ऐसे ही हरितिमा एप पर विकास खंड सुरसा में 37 ग्राम पंचायत, भरखनी में 36, हरपालपुर में 31, टड़ियावां में 27 और सांडी में 21 ग्राम पंचायतों की जियो टैग नहीं कराई गई है। जियो टैग की जिम्मेदारी पंचायत सचिवों को सौंपी गई है।
श्रम रोजगार उपायुक्त रवि प्रकाश सिंह ने बताया कि जानकारी है। संबंधित विकास खंड के बीडीओ सहित सभी बीडीओ से कहा गया है कि वह संपत्तियों और पौधरोपण की जियो टैग अभियान चलाकर पूरी कराएं। बताया कि काम न करने वालों कर्मियों के संबंध में रिपोर्ट लेकर कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।