फोटो-02- गुड़ की गजक खरीदते लोग। संवाद
हरदोई। सर्दियों में तिल-गुड़ की गजक, लड्डू का स्वाद सभी को पसंद आता है। गुण और स्वाद के साथ सर्दियों में सेहत के लिए तिल-गुड़ की गजक लाभकारी होती है। सर्दियां शुरू होते ही बाजार में बड़ी मात्रा में तिल-गुड़, मूंगफली दाना और रामदाना की सामग्री आ जाती है। सर्दियों में इन सामग्री की मांग रहती है। लोग अपनी पसंद और जरूरत के हिसाब से खरीदारी करते हैं।
सर्दियों में तिल-गुड़ का नियमित सेवन स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना गया है। ऐसा माना जाता है कि तिल-गुड़ से बने लड्डू, गजक आदि के संतुलित मात्रा में नियमित सेवन से सर्दियों से बचाव के साथ ही हड्डियों और पेट की अन्य बीमारियों से भी बचा जा सकता है। ऐसे में लोग सर्दियों में ड्राई फ्रूट और काजू-बादाम के बीच गुड़ और तिल के उत्पादों का सेवन अवश्य करते हैं जिससे गुड़ और शक्कर के साथ तिल, मूंगफली दाना, रामदाना और लइया आदि से सामग्री बनाने और बेचने वालों में भी उत्साह दिखाई देता है।
गजक आदि का काम करने वाले शिवम, लालाराम और मयंक ने बताया कि सर्दियों में गुड़ और तिल की सामग्री की अधिक मांग रहती है। बाकी लोग वैसे मूंगफली दाना, रामदाना और लइया के लड्डुओं को भी पसंद करते हैं। बताया कि गजक स्थानीय स्तर पर भी बनती है और बाहर से भी जिले में बिकने के लिए आती है।
बताया कि गुड़ के साथ मूंगफली दाना की चिक्की और रामदाना करीब 160 रुपये प्रति किलोग्राम, लइया के लड्डू 140-160 रुपये प्रति किलोग्राम, तिल-गुड़ के पेड़ा 260 रुपये प्रति किलोग्राम, शक्कर की रेवड़ी 160-180 रुपये प्रति किलोग्राम और गुड़ की रेवड़ी 160 रुपये प्रति किलोग्राम और गजक क्वालिटी के हिसाब से 300 से 350 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव से बाजार में उपलब्ध हैं।