जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने को आनलाइन
व्यवस्था लागू कर दी गई। प्रमाण पत्रों को बनाने में हो रहे फर्जीवाड़े पर
रोकथाम लगाने को ही ई-डिस्ट्रिक योजना लागू की गई। जिसका अब कठोरता से
अनुपालन कराया जा रहा है। जिलाधिकारी ने एक अप्रैल से हस्तलिखित प्रमाण
पत्रों को अमान्य ठहराते हुए डिजिटल हस्ताक्षर से जारी आनलाइन प्रमाण
पत्रों को स्वीकृति दी है।
प्रमाण पत्रों के आवेदन और जारी किए जाने को
लेकर तमाम अनियमितताएं सामने आ रही हैं। जिन पर लगाम लगाने के उद्देश्य से
शासन ने ई-डिस्ट्रिक योजना को लागू किया है। ई-डिस्ट्रिक योजना के माध्यम
से अब सभी प्रकार का ब्योरा आनलाइन रहेगा। जिसके कारण ही लोगों के जन्म और
मृत्यु एवं आय व व्यय का ब्योरा भी आनलाइन हो सकेगा और उसी के माध्यम से
लोगों को प्रमाण पत्र मिल सकेगा।
ज्ञात हो कि ई-डिस्ट्रिक योजना से आय,
जाति तथा निवास के प्रमाण पत्र तो आन लाइन होकर कंप्यूटराइज्ड मिलने लगे
हैं। वहीं अब जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र भी आनलाइन कर कंप्यूटरीकृत प्रमाण
पत्र दिया जाएगा। ई-डिस्ट्रिक योजना को शत प्रतिशत ढंग से लागू करने के
निर्देश डीएम रमेश मिश्र ने दिए।
डीएम ने सभी एसडीएम, नगर क्षेत्रों में
अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका व नगर पंचायत, ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बीडीओ
और उनके अंतर्गत सहायक विकास अधिकारी पंचायत को जन्म और मृत्यु प्रमाण
पत्र से संबंधित आवेदनों के आनलाइन प्रमाण पत्र ई-डिस्ट्रिक पोर्टल से
डिजिटल हस्ताक्षर के माध्यम से जारी करने के निर्देश दिए गए, जबकि एक
अप्रैल के बाद से हस्तलिखित रूप में जारी जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र को
अमान्य कर दिया है।
उधर, डीएम ने एक अप्रैल से जन्म और मृत्यु प्रमाण
पत्र को ई-डिस्ट्रिक योजना के माध्यम से डिजिटल हस्ताक्षर द्वारा आनलाइन
जारी करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए हैं। जिलाधिकारी ने यह भी
निर्देश दिए कि यदि संबंधित अधिकारी के डिजिटल हस्ताक्षर नहीं बने हैं, तो
निर्धारित समय से तैयार करवाकर सुचारु रूप से कार्य शुरू किया जाए, जबकि
ई-डिस्ट्रिक मैनेजर को एक अप्रैल के बाद हस्तलिखित प्रमाण पत्र आने पर
संबंधित जारीकर्ता अधिकारी पर कार्रवाई को पत्रावली प्रस्तुत करने के
निर्देश दिए।