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ग्राम पंचायतों के परिषदीय विद्यालय बने क्वारंटीन सेंटर

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बालामऊ के प्राथमिक विद्यालय परिसर में रोके गए बाहर से लौटे लोग। संवाद - फोटो : HARDOI
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हरदोई। लॉकडाउन के बाद दिल्ली व अन्य प्रदेशों से गांवों को लौट रहे लोगों को क्वारंटीन किया जा रहा है।
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संडीला तहसील क्षेत्र के ग्राम बेगमगंज के आठ लोग दिल्ली में मजदूरी करते थे। सोमवार सुबह सभी लोग वापस गांव पहुंचे तो बेगमगंज के प्राइमरी स्कूल में ग्राम प्रधान महेश रंजन गुप्ता की देखरेख में इन सभी को क्वारंटीन किया गया। स्कूल परिसर में भोजन, पानी की व्यवस्था के साथ ही अन्य सुविधाएं भी दी गईं हैं। 14 दिन तक इन लोगों को यहीं रहना पड़ेगा।
मनोज पुत्र पाले, छोटू पुत्र मूलचंद्र, आदिल पुत्र बाबूलाल, अशर्फी, मिथुन आदि ने बताया कि उन्हें स्वास्थ्य संबंधी कोई समस्या नहीं है, लेकिन वह समाजहित में 14 दिनों तक गांव के बाहर प्राथमिक विद्यालय में ही रहेंगे।
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पाली कस्बे के बाबूराम भारतीय इंटर कालेज में दो रोडवेज बसों से आए 152 लोगों को क्वारंटीन किया गया है। इनमें कई बच्चे और महिलाएं भी शामिल हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाली के चिकित्सकों ने सभी का स्वास्थ्य परीक्षण किया और कम से कम एक मीटर दूरी बनाकर रखने के निर्देश दिए।
कछौना विकास खंड की ग्राम पंचायत बालामऊ में दिल्ली और हरियाणा से लगभग 12 लोग लौटे हैं। सभी दिल्ली और हरियाणा में मजदूरी कर रहे थे। गांव पहुंचने की सूचना पर ग्राम प्रधान पुत्र गौतम कनौजिया ने इन सभी को गांव के बाहर ही स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में रोकने का इंतजाम कर दिया।
मोहम्मद शफीक, मोहम्मद इरशाद, मोहम्मद मुईन, मान सिंह, रवि, शीलू आदि ने बताया कि माहौल को देखते हुए वह 14 दिन तक विद्यालय में ही रहेंगे। प्रधान पुत्र गौतम कनौजिया ने बताया कि स्कूल में रोके गए लोगों को सिर्फ भोजन घर से मंगवाने को कहा गया है, अन्य सभी व्यवस्थाएं ग्राम पंचायत की ओर से की गई हैं।
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ऐसे लोग बन रहे मुसीबत
मल्लावां विकास खंड के ग्राम अकबरपुर के प्रधान प्रतिनिधि मनोज कुमार खासे परेशान हैं। गैर प्रदेशों और जनपदों से लॉकडाउन के बाद गांव में लौटे लोगों ने उनकी मुसीबतें बढ़ा दी हैं। मनोज कुमार के मुताबिक गांव के प्राथमिक विद्यालय में बाहर से आए लोगों को रोकने के लिए सारे इंतजाम किए गए, लेकिन बाहर से लौटे लोग विद्यालय में रुके ही नहीं, सब अपने-अपने घरों में चले गए।
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