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एलर्ट मोड पर दिखी खाकी, भीड़ दिखते ही चौराहे कराए खाली

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लॉकडाउन के दौरान लौट रहे लोग हरदोई पहुंचे तो अपने घर पहुंचने की चाहत में कुछ इस तरह बस पर सवार हुए। - फोटो : HARDOI
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हरदोई। सोमवार को हरदोई डिपो की 37 बसों से दिल्ली सीमा से दो हजार यात्री वापस आए। पलायन करने वालों पर ब्रेक लगाने को लेकर केंद्र की ओर से सख्ती भरे निर्देश मिलने के बाद सोमवार को प्रशासनिक व पुलिस अमला पूरी तरह से अलर्ट दिखा। बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश करते ही उन्हें जल्दी जाने को कहा गया। ई रिक्शा व बेवजह घूम रहे लोगों को देख पुलिस डंडा फटकराती नजर आई। बाहर से आए लोगों ने कहा कि खाने का पता नहीं, बस उन्हें तो घर पहुंचने की जल्दी है।
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मेरी बाइक ने कर दिया परिवार का उद्धार
दिल्ली से बाइक से करीब 320 किलोमीटर का रास्ता तय करके जनपद पहुंचे बघौली निवासी विष्णु का कहना है कि वह अपने साथ पत्नी रीमा, बच्चों आर्यन व अथर्व को भी ले आए। उनकी बाइक ने इन हालातों में जैसे उनका उद्धार कर दिया। वह रविवार को चले थे।
पांच दिन से लगातार रिक्शा चला रहे राममोहन व संजय
पांच दिन से लगातार रिक्शा चलाकर करीब 320 किलोमीटर का सफर तय करने के बाद जिले में पहुंचे प्रतापगढ़ निवासी राममोहन व उनके भाई संजय ने बताया कि वह रिक्शा चलाकर ही रोजी रोटी दिल्ली में कमाते थे। अब जहां जो मिल जाता है खा लेते हैं। वरना भूखे ही रिक्शा चला लेते हैं।
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गाजियाबाद से अंबेडकर नगर ले जाएगी जुगाड़
दिल्ली व गाजियाबाद में चलने वाली जुगाड़ गाड़ी भी लोगों के लिए इन दिनों वरदान साबित हो रहीं हैं। जुगाड़ से ही रोजी रोटी कमाने वाले अंबेडकर नगर निवासी अमित, संदीप व अंकित आदि इसी पर दिन रात सफर कर शहर लौट रहे हैं। ये बात और है कि कब किसने क्या खाया था किसी को पता नहीं।
बरेली की डगर मुश्किल भरी रहेगी
बिहार से बरेली के लिए निकले राजेंद्र व दीपक का परिवार सोमवार सुबह नुमाइश चौराहा बस से पहुंचा। हालांकि आगे के लिए उसे वाहन तलाशना पड़ा, जो काफी देर तक उन्हें नहीं मिला। राजेंद्र व दीपक के साथ राजेश्वरी, पिंकी व कोमल भी थीं।
बस अब दिल्ली नहीं जाना
दिल्ली से किसी तरह आए उन्नाव निवासी रामराज उनकी पत्नी शिल्पी ने बताया कि किसी तरह अब दिल्ली से आ पाए हैं। आगे अब सोच समझकर जाएंगे। वहां से लाने में बच्चे काफी परेशान हो गए। अब उन्नाव की ओर निकल रहे।
पिहानी पहुंचने की रही जल्दी
हरियाणा फरीदाबाद से आए पंकज, छोटे, आकाश व विनीता आदि ने बताया कि वह कई दिन पहले घर के लिए निकले हैं वह पिहानी के रहने वाले हैं। वह मजदूरी करते हैं।
बस वाले 300 रुपये मांग रहे, कैसे जाएं
नुमाइश चौराहे पर सोमवार सुबह बसों का टोटा रहा। कई लोग चौराहे पर एकत्र नजर आए। बरेली के लिए एक आध वाहन थे भी तो वह अधिक रुपये की मांग कर रहे थे। जिसके चलते भी कई लोग पैदल ही जाने को विवश रहे। उनका कहना था शाहजहांपुर तक किसी तरह पहुंचें, उसके बाद किसी तरह बरेली जाएंगे।
हरियाणा से राम-राम कहते वापस आए
हरियाणा से भी परिवारों के आने का क्रम सोमवार को जारी रहा। सोनीपत से आए गया प्रसाद का परिवार वहां फैक्टरी में रैक्सीन की बेल्ट बनाने का कार्य करता है। नुमाइश चौराहे पर उसने बताया कि राम-राम कहते ही यहां तक अपने परिवार के साथ आए हैं। अब बालामऊ जा रहे।
भइया, यहां कहीं बरेली के लिए बस मिलेगी
नुमाइश चौराहे पर दोपहर होते-होते वाहन गायब होते रहे जिसके बाद लोगों को वाहन तलाशने पड़े या फिर पैदल ही आगेे का रास्ता तय करना पड़ा। बिहार के छपरा जिले से आया परिवार भी बरेली जाने के लिए बसों का इंतजार करता रहा। आखिरकार उसे आगे पैदल जाना पड़ा।
हम जांच कराना चाहते थे, लेकिन कोई है ही नहीं...
नुमाइश चौराहे पर सुबह तक दिल्ली से वाहनों का आना जारी रहा। सुबह आने वाले वाहनों के चालक नुमाइश चौराहे पर जांच के लिए बनाए गए काउंटर पर स्वास्थ्य परीक्षण कराने के लिए गए लेकिन वह खाली पड़ा रहा। चालक राजकिशोर, धर्मेंद्र पांडे, भोला सिंह व शोभित ने बताया कि वह दिल्ली से बसों को लेकर आएं हैं। स्वास्थ्य परीक्षण कराना चाहते थे लेकिन यहां कोई है ही नहीं।
सड़क खाली कर दें आप लोग
एक्टिव मोड पर आई पुलिस ने सोमवार सुबह से ही कड़ा रुख अपना लिया। जीप से एनाउंस भी किया गया कि सड़क बिल्कुल खाली कर दें, अन्यथा कार्रवाई की जाएगी। जिसके जिम्मेदार आप स्वयं होंगे।
नहीं मानोगे तो पंक्चर कराओगे अपना रिक्शा
केंद्र की सख्ती के बाद पुलिस भी सोमवार को थोड़ा और सख्ती में आते दिखाई दी। चौराहे चौराहे घूम रहे इक्का दुक्का ई रिक्शा चालकों को भी पुलिस ने कड़ी चेतावनी दी। यहां तक कह डाला कि नहीं खड़ा करोगे ई रिक्शा तो अभी पंक्चर कर देंगे।
पुलिस जीप हुई खराब
लगातार लोगों को अलर्ट करने से लेकर अन्य जिम्मेदारियों में लगी पुलिस की जीप जब सोमवार सुबह स्टार्ट नहीं हुई और रोडवेज बस स्टैंड के बाहर पुलिस कर्मियों को ही इसमें धक्का लगाना पड़ा।
बैंकें खुली रहीं पर पूरी एहतियात से
महात्मा गांधी मार्ग स्थित पीएनबी बैंक में बैंक के अंदर जहां एक-एक को अंदर जाने की अनुमति है तो वहीं बाहर खड़े लोगों को भीड़ लगाकर नहीं बल्कि एक मीटर पर बने गोले में खड़े होने के निर्देश दिए गए हैं। जिनका पालन ग्राहक भी बखूबी कर रहे हैं।
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