हरदोई। आर्य समाज को लेकर भाजपा के दो पूर्व जिलाध्यक्षों में चल रही उठा पटक रविवार को और बढ़ गई। खुद को आर्य समाज की स्थानीय इकाई का प्रशासक बताने वाले भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष विद्याराम वर्मा ने कुछ साथियों के साथ बड़ा चौराहा स्थित आर्य समाज मंदिर पहुंचकर साप्ताहिक हवन किया। जानकारी पर पहुंचे भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष और आर्य प्रतिनिधि सभा उत्तर प्रदेश के उप प्रधान राजीव रंजन मिश्र ने विद्याराम वर्मा और उनके साथियों पर मंदिर का ताला तोड़ने और 25 हजार रुपये लूटने का आरोप लगा तहरीर पुलिस को दी है। हंगामे की जानकारी पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाकर मंदिर पर ताला लगवा दिया।
आर्य समाज की स्थानीय इकाई पर काबिज होने को लेकर पिछले कुछ समय से विवाद की स्थिति है। 27 जून को जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष और भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष विद्याराम वर्मा ने आर्य कन्या डिग्री कालेज में प्रेस वार्ता कर खुद को आर्य समाज का प्रशासक बनाए जाने की जानकारी आर्य प्रतिनिधि सभा की प्रधान गायत्री दीक्षित के हवाले से दी थी। उनके साथ ओम शंकर गुप्ता, बालकृष्ण गुप्ता, ज्ञान प्रकाश अग्रवाल, राकेश सिंह भदौरिया को भी सलाहकार सदस्य छह माह के लिए बनाए जाने की जानकारी दी गई थी। आर्य प्रतिनिधि सभा उत्तर प्रदेश के उप प्रधान और स्थानीय इकाई के प्रधान भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष राजीव रंजन मिश्र ने गायत्री दीक्षित को ही कोई अधिकार न होने की बात कहकर विद्याराम वर्मा के दावे को दरकिनार कर दिया था। राजीव रंजन मिश्रा का कहना है कि आर्य समाज मंदिर के मुख्य द्वार पर उनका ही ताला पड़ा था। आरोप है कि रविवार सुबह विद्याराम वर्मा ने पुत्र हर्ष वर्मा, साथी बालकृष्ण गुप्ता, राकेश भदौरिया, राम किशोर श्रीवास्तव, नेत्रपाल, ज्ञान प्रकाश व अज्ञात 12 लोगों के साथ मंदिर के ताले तोड़ दिए। वहां रखे चंदे आदि के 25 हजार रुपये लूट लिए। सूचना देने पर शहर कोतवाल शैलेंद्र श्रीवास्तव मौके पर पहुंच गए। शहर कोतवाल के मुताबिक विद्याराम वर्मा व उनके सहयोगी आर्य समाज मंदिर में हवन कर रहे थे। जानकारी पर पुलिस पहुंच गई थी और दोनों ही पक्षों को अलग कर दिया था। कोतवाल ने बताया कि राजीव रंजन मिश्र की तरफ से तहरीर मिली है और मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रशासन को आर्य समाज मंदिर में रिसीवर तैनात किए जाने की रिपोर्ट भेज दी गई है। फिलहाल पुलिस ने मंदिर के मुख्य द्वार पर अपना ताला डाल दिया है।
न ताला तोड़ा न रुपये लूटे : विद्याराम वर्मा
आर्य समाज के प्रशासक होने का दावा करने वाले भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष विद्याराम वर्मा ने कहा कि राजीव रंजन मिश्रा झूठ बोल रहे हैं। आर्य समाज मंदिर का ताला नहीं तोड़ा गया। चाबी होने के कारण उन्होंने ही खुद ताला खोला और अंदर जाकर अपने साथियों के साथ साप्ताहिक अधिवेशन के अलावा हवन भी किया। रुपये लूटे जाने की बात को उन्होंने निराधार बताया। विद्याराम वर्मा नेआरोप लगाया कि शहर कोतवाल को लेकर राजीव रंजन ही आए थे। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण को भाजपा के दो पूर्व जिलाध्यक्षों की रार नहीं माना जाना चाहिए।
शनिवार को शांति कायम रखने को हुई थी बैठक
सत्ताधारी दल के दो पूर्व जिलाध्यक्षों के बीच आर्य समाज जैसी संस्था को लेकर पिछले कुछ समय से चल रहे विवाद की जानकारी पुलिस और प्रशासन को भी थी। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए शनिवार को राजीव रंजन मिश्र और विद्याराम वर्मा को शहर कोतवाली बुलाया गया था। सीओ सिटी विजय कुमार राना ने साफ तौर हिदायत भी दी थी कि दोनों पक्ष विवाद सुलझने तक मंदिर परिसर के पास न जाएं। शांति व्यवस्था से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।
फोटो-20-मनाही के बावजूद मंदिर में हवन करने पर पूर्व जिलाध्यक्ष विद्याराम वर्मा को नसहीत देते शहर क- फोटो : HARDOI