हरदोई। शहर के चार उपकेंद्रों की बिजली हाईटेंशन लाइन से सारस के टकराने से बंद हो गई। इससे आधा घंटा आपूर्ति बाधित हो गई। इसके बाद ट्रांसफार्मर के निकट आग लगने से डेढ़ घंटा आपूर्ति ठप रही। इससे शहर के 35 हजार उपभोक्ता परेशान हुए। वहीं बिना सूचना के मंगलवार को बिजली लाइन पर काम कराने के लिए सांडी सड़क का मोहताज खाना फीडर सात घंटे बंद रहा। इससे लोग भीषण गर्मी में परेशान हुए।
शहर के 33 केवी विद्युत उपकेंद्रों की आपूर्ति 132 केवी मन्नापुरवा उपकेंद्र से की जाती है। सोमवार रात साढ़े 10 बजे चार उपकेंद्रों को जोड़ने वाली हाईटेंशन लाइन से सारस टकरा गया। इससे चारों उपकेंद्रों की आपूर्ति बंद हो गई। बिजली कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद फॉल्ट खोजकर सारस काे हटाया। इसके बाद 11 बजे बिजली आपूर्ति शुरू हो सकी। बिजली शुरू होने के बाद चरौली उपकेंद्र से जुड़े पिहानी चुंगी के पास एक दुकान में आग लग गई। इससे आपूर्ति बंद कर दी गई। इससे फिर से चारों उपकेंद्रों की आपूर्ति बंद कर दी गई।
सिटी विद्युत उपकेंद्र व कोयल बाग कॉलोनी उपकेंद्र की आपूर्ति आधा घंटा बाद शुरू कर दी गई मगर आशानगर व चरौली उपकेंद्र की आपूर्ति डेढ़ घंटे बाद बहाल हो सकी। इससे शहर के 35 हजार उपभोक्ता परेशान हुए। सोमवार को मन्नापुरवा से जुड़े खदरा फीडर में खराबी के कारण उसको दो बजे बंद कर दिया गया जो एक घंटे बाद तीन बजे शुरू हो सका। इससे क्षेत्र के उपभोक्ता परेशान हुए।
बिना सूचना के शुरू किया काम, सात घंटे परेशान रहे उपभोक्ता
शहर के सांडी सड़क विद्युत उपकेंद्र से जुड़े मोहताज खाना फीडर की आपूर्ति मंगलवार सुबह 11 बजे अचानक बंद कर दी गई। इससे वैटगंज के तीन हजार उपभोक्ताओं की बिजली गुल हो गई। उपभोक्ता उपकेंद्र व अवर अभियंता से संपर्क करते रहे मगर सही जानकारी नहीं मिल सकी। शाम छह बजे के बाद बिजली आपूर्ति शुरू होने पर उपभोक्ताओं को राहत मिली। लगातार सात घंटे तक बिजली न आने से उपभोक्ता भीषण गर्मी में परेशान हुए। उपकेंद्र से जुड़े क्षेत्र में अक्सर कार्य कराने के नाम पर बिजली काट दी जाती है। इससे उपभोक्ताओं को समस्या का सामना करना पड़ता है।
हाईटेंशन लाइन से सारस के टकराने से बिजली बाधित हुई थी। सभी अवर अभियंता को निर्देश हैं कि अगर अधिक समय के लिए शटडाउन लिया जा रहा है तो उसकी सूचना उपभोक्ताओं के बनाए ग्रुप व समाचार पत्रों के माध्यम से दी जाए। बिना सूचना कार्य के लिए ब्रेकडाउन न लिया जाए। अवर अभियंता से इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया है। -आकाश वर्मा, उपखंड अधिकारी, शहर