- स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के काम में देरी पर डीपीआरओ ने जाहिर की नाराजगी
- खंड प्रेरक, कंप्यूटर ऑपरेटर, पंचायत सहायक और पंचायत सचिवों से मांगा जवाब
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के काम में देरी और रेट्रोफिटिंग में लापरवाही पर डीपीआरओ विनय कुमार सिंह ने नाराजगी जाहिर की है।
उन्होंने रेट्रोफिटिंग में लापरवाही पर तीन ब्लॉकों के 28 पंचायत सचिवों सहित 107 कर्मियों के 15-15 दिन वेतन और मानदेय भुगतान पर रोक लगा दी है। उन्होंने सभी तीन दिन के अंदर साक्ष्य सहित जवाब भी तलब किया है। जवाब न आने और संतोषजनक न होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
डीपीआरओ ने शौचालयों की रेट्रोफिटिंग की शुक्रवार को समीक्षा की। जिसमें अब कि शून्य की स्थिति वाली ग्राम पंचायतों के पंचायत सचिवों, पंचायत सहायक, कंप्यूटर ऑपरेटर और खंड प्रेरकों के वेतन-मानदेय पर रोक लगा दी। बताया कि विकास खंड भरखनी के पंचायत सचिव सर्वेश कुमार राणा, सुमित तिवारी, नीरज वर्मा, सोमेंद्र प्रताप, राजेश कुमार, धीरेंद्र प्रताप, यश चंद्र, संजय कुमार, अरुण प्रकाश बौद्ध, रवि कुमार यादव की तैनाती वाली ग्राम पंचायतों की स्थिति शून्य मिली है।
बताया कि विकास खंड हरियावां के पंचायत सचिव सद्दाम हुसैन, संजय तिवारी, जितेंद्र वर्मा, प्रवीन कुमार वर्मा, आकांक्षा सिंह, लाल बहादुर, मसूद जफर और तेजराम की तैनाती वाली ग्राम पंचायतों में रेट्रोफिटिंग की स्थिति शून्य है। ऐसे ही विकास खंड बावन के पंचायत सचिव राजेश कश्यप, गौरव जगदीश मिश्रा, अवनीश कुमार कश्यप, आनंद कुमार सिंह, आनंद सिंह द्वितीय, रमेश कुमार, प्रिया त्रिपाठी, अभय राज वर्मा की तैनाती वाली ग्राम पंचायत की स्थिति शून्य रही है।