हरदोई। मवेशियों को संरक्षित किए जाने के लिए बनवाए जा रहे सात वृहद गो संरक्षण केंद्र के लिए शासन ने दूसरी किस्त में 5.60 करोड़ रुपये दे दिए हैं। दूसरी किस्त मिलने से काम में तेजी आने की उम्मीद है। वृहद गो-संरक्षण केंद्र बन जाने से करीब 3,000 मवेशियों को संरक्षित कराया जा सकेगा।
पशुपालन विभाग की तरफ से निराश्रित मवेशियों को संरक्षित कराया जा रहा है। जिले में वृहद गो-संरक्षण केंद्र के साथ ही पंचायतों के माध्यम से अस्थाई पशु आश्रयस्थलों का संचालन किया जा रहा है। पशुपालन विभाग ने चालू वित्तीय वर्ष में मई माह में सात वृहद गो-संरक्षण केंद्र बनवाए जाने की स्वीकृति दी थी। एक वृहद गो संरक्षण केंद्र बनवाए जाने के लिए 1,60,24,000 रुपये की वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति दी थी।
शासन ने स्वीकृति के साथ ही कार्यदायी संस्था को नामित कर दिया था। काम कराने के लिए पहली किस्त में प्रति वृहद गो संरक्षण केंद्र के लिए 80,12,000 रुपये के हिसाब से दिए थे। काम समय से कराए जाने की प्राथमिकता के चलते कार्यदायी संस्थाओं ने काम शुरू कराया और पहली किस्त से चारदीवारी और अन्य ढांचागत काम को कराया है। शासन के विशेष सचिव देवेंद्र कुमार पांडेय ने वृहद गो संरक्षण केंद्र बनवाए जाने के लिए चालू वित्तीय वर्ष में दूसरी किस्त दिए जाने का आदेश भी जारी कर दिया है।
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समय से पूरा करा लिया जाए काम
वृहद गो संरक्षण केंद्र बनवाए जा रहे हैं। दूसरी किस्त के रुपये शासन से मिलने की जानकारी है। कार्यदायी संस्था के अभियंताओं से कहा गया है कि काम को तेजी से कराते हुए समय से पूरा करा लिया जाए ताकि मवेशियों को संरक्षित कराया जा सके।
डॉ. अशोक कुमार सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी