हरदोई। क्षेत्र पंचायत निधि से कराए गए कामों और भुगतान के ऑडिट में मिली गड़बड़ी पर अब विधानसभा की पंचायतीराज समिति ने कार्रवाई के लिए हरी झंडी दे दी है। विकास खंड सांडी में साल 2019-20 और साल 2020-21 के ऑडिट में 52.27 लाख रुपये का हिसाब न दिए जाने पर पांच तत्कालीन बीडीओ और दो लेखाकारों से वसूली कराई जाएगी।
क्षेत्र पंचायतों को पंचायतीराज विभाग के माध्यम से विकास और निर्माण के लिए राज्य वित्त, केंद्रीय वित्त और टाइड और अनटाइड फंड में रुपये दिए जाते हैं। साथ ही क्षेत्र पंचायत की स्वयं की आमदनी के रुपयों से काम और भुगतान किए जाते हैं। भुगतान किए गए रुपयों और काम का ऑडिट भी साल के साल कराए जाने की व्यवस्था है। जिला लेखा परीक्षा विभाग के माध्यम से किए जाने वाले ऑडिट में मिली गड़बड़ी के निराकरण के लिए समय भी दिया जाता है।
विकास खंड सांडी में साल 2019-20 और 2020-21 में मिली गड़बड़ी का निराकरण नहीं कराया गया। विधानसभा की पंचायतीराज समिति निस्तारित न होने वाले ऑडिट प्रकरणों का संज्ञान लिया। परीक्षण के बाद ऐसे प्रकरणों पर वसूली के आदेश दिए हैं। समिति की तरफ से लिए गए निर्णय पर जिले में प्रक्रिया शुरू कराई जा रही है।
इस प्रकार से मिली गड़बड़ी
क्षेत्र पंचायत सांडी में साल 2019-20 की ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक, 33,87,784 रुपये खर्च किए गए थे। इसमें से 7,32,113 रुपये के भुगतान से जुड़े अभिलेख ही नहीं मिले। ऐसे ही इसी साल 1,16,324 रुपये विभिन्न कार्यों पर मिट्टी ढुलाई पर खर्च किए गए लेकिन बिल-वाउचर नहीं मिले। साल 2020-21 में क्षेत्र पंचायत निधि से 1,38,03,146 रुपये खर्च किए गए। इसमें से 43,00,106 रुपये के अभिलेख ही नहीं मिले। इस साल भी कई कार्यों पर मिट्टी ढुलाई के लिए 78,475 रुपये व्यय किए गए। इसका भी हिसाब नहीं मिला। जिला लेखा परीक्षा विभाग की तरफ से उप्र जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत (बजट और सामान्य लेखा) नियमावली, 1965 के नियम 64 के अनुसार कोई भी भुगतान तब तक नहीं किया जाएगा जब तक कि दावा बिल के रूप में प्रस्तुत न किए जाए। भुगतान अपुष्ट रहा है। इसकी वसूली संबंधित से किए जाने संस्तुति की है।
इनकी तय की गई जिम्मेदारी
साल 2019-20 में ऑडिट में मिली गड़बड़ी के लिए जिला लेखा परीक्षा विभाग ने तत्कालीन खंड विकास अधिकारी शरद कुमार सिंह, राजेंद्र कुमार श्रीवास और रोहिताश्व कुमार और लेखाकार संजय सिंह व रामनरेश गौतम से वसूली की संस्तुति की है। वहीं साल 2020-21 के भुगतान में गड़बड़ी के लिए तत्कालीन खंड विकास अधिकारी रोहिताश्व कुमार, राजेंद्र प्रसाद और सुरेश कुमार और लेखाकार संजय सिंह व रामनरेश गौतम से वसूली की संस्तुति की है।
ऑडिट के लंबित प्रकरणों पर विधानसभा की पंचायतीराज समिति ने संज्ञान लेते हुए प्रकरणवार परीक्षण किया है। परीक्षण के बाद लंबित प्रकरण और भुगतान से संबंधित साक्ष्य, अभिलेख अभी तक प्राप्त न कराने पर नाराजगी भी जाहिर की है। समिति ने संबंधित की जिम्मेदारी तय की है और वसूली किए जाने के आदेश दिए हैं। -विनय कुमार सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी