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Hardoi News: श्रीमऊ पीएचसी में मरीजों के 20 बेड, सब खाली... कुर्सी तो डॉक्टर और फार्मासिस्ट की भी खाली

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फोटो-25- पीएचसी श्रीमऊ में खाली पड़ी चिकित्सक की कुर्सी। संवाद
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हरपालपुर। ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर करने के दावों की पोल खुल रही है। भले ही संसाधन भरपूर होने का दावा हो लेकिन चिकित्सक और फार्मासिस्ट ग्रामीण इलाकों का रुख करते ही नहीं हैं। दरअसल, सरकार की मंशा है कि ग्रामीण क्षेत्रों के प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों को उपचार मिल जाए ताकि जिला मुख्यालय स्थित 100 शैया संयुक्त चिकित्सालय और मेडिकल कॉलेज पर अनावश्यक बोझ न पड़े। सांडी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीन आने वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र श्रीमऊ की जमीनी हकीकत बताती पेश है एक रिपोर्ट ...
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रामगंगा और गंभीरी नदी के बीच श्रीमऊ गांव में बीस बेड का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है। इस केंद्र का संचालन 2023 में क्षेत्रीय विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह रानू के प्रयासों से शुरू हुआ था। पीएचसी पर एक चिकित्सक के साथ ही फार्मासिस्ट और वार्ड ब्वाय भी तैनात हैं। मंगलवार सुबह 9:30 बजे तक पीएचसी में न तो चिकित्सक आए थे और न ही फार्मासिस्ट, वार्ड ब्वाय सुशील कुमार जरूर मुस्तैदी से रजिस्टर संभाले नजर आए। चिकित्सक की कुर्सी भी खाली थी। पूछने पर पता चला कि डॉक्टर ओपेंद्र कुमार आए नहीं हैं। फार्मासिस्ट राजेश कुमार के बारे में भी यही बताया गया।
जब डॉ. ओपेंद्र कुमार से पूछा गया तो उन्होंने दावा किया कि कुछ देरी से अस्पताल पहुंचे थे और जरूरी काम होने पर वापस चले गए। हालांकि देरी की वजह और जरूरी काम के बारे में वह कुछ खास जानकारी नहीं दे पाए। फार्मासिस्ट राजेश कुमार से उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। सीएचसी अधीक्षक डॉ. अखिलेश वाजपेयी से भी संपर्क कर इस बारे में बात करने की कोशिश की गई लेकिन उन्होंने भी फोन रिसीव नहीं किया।
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सोमवार को आए थे 36 मरीज, मंगलवार को हाल-बेहाल
मौके पर मौजूद मिले वार्ड ब्वाय ने बताया कि सोमवार को 36 मरीज आए थे। ओपीडी के रजिस्टर में इन मरीजों का नाम दर्ज है लेकिन पता इस तरह से लिखा है कि कोई सामान्य व्यक्ति पढ़ भी नहीं सकता। मंगलवार को आए मरीजों के बारे में पूछने पर कहा कि सुबह से तो नहीं आए हैं। अब आएंगे तो ब्योरा दर्ज किया जाएगा।



उपकरणों पर भी जम रही धूल
श्रीमऊ पीएचसी में प्राथमिक उपचार के लिए जरूरी उपकरण भी वर्ष 2023 में ही उपलब्ध करा दिए गए थे। इनमें से ज्यादातर उपकरणों पर धूल जमी हुई है। देखने से ही पता चल जाता है कि लंबे समय से इन उपकरणों का या तो इस्तेमाल हुआ नहीं या फिर यहां भी उपचार के नाम पर सिर्फ रेफर ही किया जाता है।

फोटो-25- पीएचसी श्रीमऊ में खाली पड़ी चिकित्सक की कुर्सी। संवाद

फोटो-25- पीएचसी श्रीमऊ में खाली पड़ी चिकित्सक की कुर्सी। संवाद

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