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Hardoi News: लापरवाही की भेंट चढ़ा नियमित टीकाकरण, शाहाबाद व टोडरपुर सबसे फिसड्डी

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हरदोई। जिले में नियमित टीकाकरण को लेकर जमकर लापरवाही बरती जा रही है। जिम्मेदारों की हीलाहवाली के चलते नियमित टीकाकरण की प्रगति कम होती जा रही है। इनमें गर्भवती महिलाओं को टीकाकरण कराने के साथ ही किशोरियों और नवजात बच्चों का टीकाकरण भी शामिल है। टीकाकरण अभियान में शाहाबाद और टोडरपुर ब्लॉक की स्थिति सबसे खराब रही है। अगस्त माह में बीते माह से कम प्रगति दर्ज की गई।
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नवजात शिशुओं को गंभीर बीमारियों से बचाने और गर्भवती महिलाओं के सुरक्षित प्रसव के लिए समय पर टीका लगना बेहद जरूरी है। आंगनबाड़ी केंद्र, सीएचसी-पीएचसी और स्वास्थ्य केंद्रों पर नियमित टीकाकरण होता है। टीकाकरण की जिम्मेदारी आशा कार्यकर्ता, एएनएम और सीएचओ व चिकित्सा अधिकारियों की है। इसके बावजूद नियमित टीकाकरण में जिला लगातार पिछड़ता जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के यू-विन पोर्टल के आंकड़ों की माने तो अगस्त में कराए गए टीकाकरण के आंकड़ों के अनुसार, टोडरपुर और शाहाबाद ब्लॉक टीकाकरण के मामले में जिले में सबसे फिसड्डी साबित हुए हैं। अगस्त में कुल 5,556 सत्रों के माध्यम से 11,166 गर्भवती महिला, शून्य से एक वर्ष के 24,568 शिशु, एक वर्ष से अधिक 18,071 बच्चे और 17,224 किशोरियों सहित कुल 71,029 लाभार्थियों को टीका लगाया गया। बता दें कि अगस्त में प्रति सत्र लाभार्थी 12.8 प्रतिशत रहा जो कि जुलाई के 13.3 प्रतिशत की तुलना में कम है।
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टोडरपुर व शाहाबाद सबसे कम
ब्लॉकवार स्थिति पर नजर दौड़ाएं तो सबसे खराब प्रदर्शन टोडरपुर ब्लॉक का रहा। इसमें प्रति सत्र सिर्फ 10.6 प्रतिशत टीकाकरण हुआ। इसके बाद शाहाबाद, हरियावां और टड़ियावां में 11.4 प्रतिशत दर्ज किया गया। बावन में 11.9 प्रतिशत, भरखनी व सांडी में 12.2 प्रतिशत, कछौना में 12.4 प्रतिशत, भरावन में 12.5 प्रतिशत, कोथावां में 12.7, माधौगंज में 12.9 और मल्लावां, संडीला व सुरसा में 13.1 प्रतिशत रहा। हरपालपुर और बेहंदर में यह आंकड़ा 13.5 दर्ज किया गया जबकि पिहानी में प्रति सत्र 16.6 लाभार्थी और अहिरोरी में 16.7 प्रतिशत को टीकाकरण किया गया।


टीकाकरण में लापरवाही बरतने वाले ब्लॉकों के चिकित्सा प्रभारियों पर प्रगति बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। कम औसत वाले ब्लॉकों में टीकाकरण से छूटे बच्चों और गर्भवती महिलाओं की पहचान कर विशेष सत्र आयोजित करने के लिए कहा गया है। -डॉ. भवनाथ पांडेय, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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