हरदोई। कुछ दिन पहले ही बाढ़ का पानी उतरने से राहत की सांस ले रहे ग्रामीणों की चिंता फिर बढ़ गई है। बैराजों से छोड़े गए पानी और लगातार बारिश के कारण पिछले 24 घंटे में गर्रा का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। सांडी में पानी खतरे के बिंदु के करीब पहुंच गया है। गंगा का पानी भी चेतावनी बिंदु की ओर बढ़ रहा है। नदियों का पानी इसी तरह बढ़ता रहा तो प्रभावित गांवों में फिर बाढ़ का पानी पहुंचने की आशंका है। इससे नदी किनारे रहने वाले लोगों की धड़कनें बढ़ गई हैं।
बारिश के साथ बैराजों से छोड़े गए पानी का असर नदियों के जलस्तर पर दिखाई दे रहा है। गर्रा नदी का पानी 24 घंटे में 1.18 मीटर बढ़ा है। पानी सांडी में केंद्रीय जल आयोग की साइट पर 128.03 मीटर से बढ़कर 129.45 मीटर गेज पर पहुंच गया है। पानी चेतावनी बिंदु 128.31 मीटर गेज से 1.17 मीटर ऊपर पहुंचा है और खतरे के निशान से 17 सेंटीमीटर नीचे है जबकि शाहजहांपुर के मुमोक्ष आश्रम घाट पर पानी 147.70 मीटर गेज आ गया है। यहां पर पानी में करीब 2.50 मीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
वहीं गर्रा नदी में उत्तराखंड के नानक सागर बैराज से 4,237 क्यूसेक और पीलीभीत के ड्यूनी बैराज से 22,949 क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया है। यह पानी जिले में तीसरे दिन पहुंचने की संभावना है। गंगा नदी में नरौरा बैराज से 31,900 क्यूसेक पानी छोड़ा गया जबकि दोपहर में भी पानी छोड़े जाने की जानकारी है। गंगा नदी में 60 सेंटीमीटर पानी बढ़ा है।
फर्रुखाबाद के पांचाल घाट पर पानी 136.400 मीटर गेज पर पहुंच गया है जबकि राजघाट पर 1.70 मीटर पानी बढ़ा है और 125.25 मीटर गेज पर आ गया है। इससे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फिर से बाढ़ के पानी के घुसने की आशंका है। ऐसे ही रामगंगा नदी के पानी शाहजहांपुर के हुल्लापुर घाट पर 135.37 मीटर गेज पर आ गया है।
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बरसात और बैराजों के पानी से एक बार फिर से जिले में प्रवाहित नदियों का जलस्तर बढ़ा है। जलस्तर में बढ़ोतरी के दृष्टिगत बिलग्राम, शाहाबाद और सवायजपुर के एसडीएम से जानकारी ली गई है। कहा गया है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी कराई जाए। प्रभावितों को हरसंभव मदद समय से दी जाए। -दीपाली भार्गव, एडीएम, वित्त एवं राजस्व