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रूट न स्टैंड, ऑटो-टैक्सी की मनमानी

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हरदोई। शहर में ऑटो और ई-रिक्शा चलने से लोगों को काफी सुविधा हो गई है, लेकिन समस्याओं में बढ़ोतरी हुई है।
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शहर में आटो और ई-रिक्शा का न तो कोई रूट है और न ही कोई स्टैंड, जिससे मनमाने ढंग से यह चलते रहते हैं और जहां मन चाहा, वहां पर काफी संख्या में खड़े होकर सवारियों का इंतजार करते रहे हैं। साथ ही शहर में रोजाना जाम की समस्या से भी लोग जूझ रहे हैं।
छोटे से शहर में दो आटो 12 वर्ष पूर्व शुरू हुए थे। अब आटो और ई- रिक्शा की संख्या 10 हजार के पार पहुंच चुकी है। आठ साल पूर्व शुरू हुई रूट और स्टैंड की कवायद सिर्फ फाइलों तक सिमट कर रह गई है।
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शहर में आटो चलने की शुरुआत वर्ष 2010 के आसपास हुई थी। कुछ समय बाद ही ऑटो के चलन में हुई बेतहाशा बढ़ोतरी ने पूरे शहर को जाम की गिरफ्त में लेना शुरू कर दिया था। तत्कालीन डीएम के निर्देश पर एआरटीओ ने 20 जून 2014 को ऑटो के संबंध में दिशा निर्देश जारी किए थे।
इसमें जिले के सभी ऑटो, ई-रिक्शा, टेपों, टैक्सी, मैजिक पर सफेद रंग की पृष्ठभूमि पर काले रंग से चालक का नाम, पता, मोबाइल नंबर, वाहन स्वामी का नाम, पता व 30 जून 2014 तक अंकित कराने के निर्देश थे।
ऐसा न होने पर वाहन स्वामी के विरुद्ध कार्रवाई की चेतावनी जारी की गई थी। जिला प्रशासन ने कुल 11 रूट तय किए थे। एक रूट पर अधिकतम 60 ऑटो चलने का मानक तय किया गया था, लेकिन उस पर अब तक अमल नहीं किया गया है। इससे बढ़ रही जाम की समस्या से लोग परेशान हैं।
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फुटपाथों पर टेंपो-टैक्सी और बस स्टैंड
शहर की सभी सड़काें पर खुलेआम टेंपो, बस एवं टैक्सी स्टैंडों का संचालन हो रहा, जिससे सड़कों के फुटपाथ पर इन वाहनों का कब्जा रहता है। इससे यातायात बाधित होता है और जाम भी लगता रहता है।
ओवरलोड आटो, रिक्शा दे रहे हादसों को न्योता
शहर में आटो टेंपो से लेकर ई-रिक्शा ओवरलोडिंग कर रहे हैं। निर्धारित एवं स्वीकृत सीटों से अधिक सवारियों को बैठाया जा रहा है। कई घटनाएं ओवरलोडिंग से हो चुकी हैं।
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ट्रैफिक पुलिस लाचार, सख्ती की दरकार
यातायात कर्मी मशक्कत करते रहते हैं। सबसे ज्यादा दिक्कतें ऑटो, ई-रिक्शा के कारण ही आ रही है। इनके रूट एवं स्टैंड न होने से मनमाने ढंग से संचालन कर यातायात व्यवस्था को पटरी पर नहीं आने दे रहा है।
इस ओर जानकारी कर कार्ययोजना बनाई जाएगी। संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी।
- डॉ. सदानंद गुप्ता, सिटी मजिस्ट्रेट
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