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Hardoi News: मेडिकल कॉलेज में अब हो सकेगा रेटिकुलोसाइट काउंट टेस्ट

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फोटो-27-सेंट्रल लैब। संवाद
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हरदोई। जिले के मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सटीक बनाया जा रहा है। सेंट्रल लैब की सेवाओं में विस्तार करते हुए अब सेंट्रल लैब में भी रेटिकुलोसाइट काउंट परीक्षण शुरू कर दिए गए हैं। इस जांच के शुरू होने से मरीजों में एनीमिया और रक्त से संबंधित अन्य गंभीर बीमारियों की पहचान और उनका निदान कर पाना संभव हो सकेगा।
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मेडिकल कॉलेज में मरीजों के रक्त नमूनों की बेहतर जांच मिले इसके लिए आधुनिक मशीनें भी लगाई गई हैं। इस वजह से मरीजों की भी निजी लैबों पर निर्भरता कम हुई है। कई प्रकार की जांचों के साथ ही अब सेंट्रल लैब में एनीमिया के निदान और निगरानी करने, अस्थि मज्जा की रिकवरी का आकलन करने से संबंधित रेटिकुलोसाइट काउंट परीक्षण शुरू कर दिए गए हैं।
यह एक विशेष प्रकार का रक्त परीक्षण है जो शरीर में युवा लाल रक्त कोशिकाओं के प्रतिशत को मापता है। जब हमारे शरीर में पुरानी कोशिकाएं खत्म होती हैं तो अस्थि मज्जा नई कोशिकाओं का निर्माण करता है। परिपक्व होने से ठीक पहले की इन नई कोशिकाओं को रेटिकुलोसाइट कहा जाता है। जांच में अस्थि मज्जा की कार्यक्षमता में अस्थि मज्जा सही मात्रा में लाल रक्त कोशिकाओं के उत्पादन और आरबीसी उत्पादन के स्तर में शरीर में खून की कमी (एनीमिया) के निदान के लिए शरीर नई कोशिकाएं बनाकर उसकी भरपाई करने की कोशिश हो रही है या नहीं। इसका परीक्षण हो सकेगा।
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वर्जन
सीबीसी नाइन पार्ट मशीन से जांच शुरू कर दी गई है। इस मशीन से ही रेटिकुलोसाइट काउंट परीक्षण किया जा सकेगा। इस सुविधा से ब्लड डिसऑर्डर के मरीजों को समय पर और सटीक इलाज मिल सकेगा। इससे मरीजों को काफी राहत मिलेगी। -डॉ. जेबी गोगोई, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
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