हरदोई। विकास खंड कछौना में क्षेत्र पंचायत की ओर से वर्ष 2020-2021 से वर्ष 2022-2023 तक कराए गए कार्यों और भुगतान के ऑडिट में मिली एक करोड़ की गड़बड़ी के लिए यहां तैनात रहे पांच खंड विकास अधिकारियों, वर्तमान ब्लॉक प्रमुख सहित दो ब्लॉक प्रमुख और दो लेखाकारों को उत्तरदायी बताया गया है।
ऑडिट रिपोर्ट में अनियमितता के लिए दोषी बताए गए बीडीओ में एक वर्तमान में लखीमपुर खीरी में श्रम रोजगार उपायुक्त के पद पर तैनात हैं। दो कार्य प्रभारियों को मजदूरी के रुपये अपने खातों में लेने के लिए अलग उत्तरदायी बताया गया है।
क्षेत्र पंचायत कछौना में कराए काम और आय-व्यय के लेखा-जोखा के ऑडिट में वित्तीय वर्ष 2020-2021 से 2022-2023 निविदा प्रपत्र बिक्री के रुपये में गबन, श्रमिकों की मजदूरी भुगतान, जीएसटी कटौती और लेबर सेस कटौती में करीब एक करोड़ से अधिक की गड़बड़ी की पुष्टि की गई है। मजदूरों के खातों में किए जाने वाले भुगतान को कार्य प्रभारी रहे शेर सिंह और राजेंद्र नाथ पांडेय के खातों में निकाले जाने की पुष्टि के साथ ही वर्ष 2021-2022 में पीएफएमएस भुगतान के प्रमाण-पत्र ही नहीं मिले हैं।
क्षेत्र पंचायत की ऑडिट में मिली गड़बड़ी की खबर को अमर उजाला ने शुक्रवार के अंक में ‘कछौना क्षेत्र पंचायत में कार्यों और भुगतान में एक करोड़ की गड़बड़ी’ शीर्षक से खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर के प्रकाशन से फर्म संचालकों सहित इससे जुड़े लोगों में खलबली है। वहीं, ऑडिट रिपोर्ट में इस गड़बड़ी के लिए कछौना में बीडीओ के पद पर इस अवधि में तैनात रहे पांच अधिकारियों को उत्तरदायी बताया गया है।
वर्तमान ब्लॉक प्रमुख रामश्री सहित तत्कालीन ब्लॉक प्रमुख रामरती और लेखाकार रहे रमेश चंद्र और शिव कुमार को अनियिमितता के लिए उत्तरदायीय बताया गया है। तत्कालीन स्वत: रोजगार उपायुक्त विपिन चौधरी कछौना में कार्यवाहक बीडीओ के तौर पर 10 जुलाई 2020 से 28 मई 2021 तक तैनात रहे। विपिन चौधरी वर्तमान में लखीमपुर खीरी में श्रम रोजगार उपायुक्त के पद तैनात हैं। ऐसे ही तत्कालीन जिला कृषि अधिकारी रहे उमेश कुमार साहू कार्यवाहक बीडीओ के तौर पर चार जनवरी 2020 से 15 मई 2021 तक, रोहिताश कुमार 14 मई 2020 से नौ जुलाई 2020 और प्रमोद कुमार अग्रवाल 29 मई 2021 से 31 दिसंबर 2022 और मानवेंद्र शर्मा 24 फरवरी 2023 से पांच जुलाई 2024 तक तैनात रहे।
ऑडिट रिपोर्ट में मिली गड़बड़ी के परीक्षण के साथ ही क्षेत्र पंचायत के कार्यों और भुगतान की जांच कराई जाएगी। इसके लिए समिति गठित की जा रही है। जो भी अधिकारी उत्तरदायी होंगे उनका उत्तरदायित्व तय किया जाएगा। -मंगला प्रसाद सिंह, जिलाधिकारी