हरदोई। अल्लीपुर में स्थित पंडित बाबूराम त्रिवेदी सरस्वती शिशु मंदिर में विद्याभारती की ओर से आयोजित किए गए नवीन आचार्या प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन रविवार को हो गया।
इस दौरान मुख्य अतिथि उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी ने कहा कि विद्या भारती ऐसे शिक्षकों का निर्माण करें जो विद्यार्थियों को संस्कार युक्त शिक्षा दें। हालांकि विद्या भारती के विद्यालयों में संस्कार युक्त शिक्षा ही प्रदान की जाती है।
कार्यक्रम में उक्त शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी ने कहा कि नवीन आचार्याें को महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया है। यह दायित्व देश निर्माण, संस्कृति निर्माण और भविष्य निर्माण का है। जनशिक्षा परिषद के प्रदेश निरीक्षक मिथलेश अवस्थी ने प्रशिक्षण के दौरान बताई गई बारीकियों के बारे में जानकारी दी। अखिल भारतीय साहित्य परिषद के अध्यक्ष डा. सुशीलचंद्र त्रिवेदी ने शिक्षा के उद्देश्यों के बारे में विस्त़ृत चर्चा की और शिक्षकाें के कर्तव्यों के बारे में अवगत कराया।
इस दौरान संस्कृति बोध परियोजना के नवीन संस्करण का लोकार्पण भी उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी ने किया। कार्यक्रम के दौरान आरएसएस के उन्नाव विभाग के संघ चालक शिव स्वरूप सिंह, कैलाश वर्मा, कौशल किशोर वर्मा, बिंदू सिंह, ज्योती मिश्रा, शीर्षेंदुशील त्रिवेदी आदि मौजूद रहे।