होली का पर्व जाते ही ट्रेनों में आरक्षण के लिए
मारामारी शुरू हो गई है। लंबे रूट की किसी भी ट्रेन में रिजर्वेशन मिलना
मुश्किल हो गया है। वहीं आरक्षण काउंटर पर भी लोगों की भीड़ बढ़ती जा रही
है।
त्योहार के पहले और बाद में ट्रेनों में रिजर्वेशन को होने वाली
दिक्कतें शुरू हो गई हैं। आरक्षण कराने को लोग स्टेशन तो पहुंच रहे, पर
ट्रेनों में अगले एक माह के लिए रिजर्वेशन फुल हो गया है। वैसे होली पर
रेलवे की ओर से कई विशेष ट्रेनों का संचालन किया जाता है।
पर लोगों को अधिक
जानकारी न होने तथा सभी छोटे स्टेशनों पर ट्रेनों का स्टापेज न होने से
लोग इन ट्रेनों में टिकट ही नहीं बनवा पाते, जिससे लोगों को परेशानी का
सामना करना पड़ रहा है। इन दिनों से जिले में रुकने वाली दून एक्सप्रेस,
जनता एक्सप्रेस, सियालदह एक्सप्रेस, गुवाहाटी एक्सप्रेस, सद्भावना
एक्सप्रेस, लखनऊ मेल समेत तमाम ट्रेनें हैं जिनमें अगले एक माह के लिए
रिजर्वेशन फुल बताया जा रहा है।
उधर, एक तो मात्र एक आरक्षण काउंटर
होने से लोगों को घंटों समय लाइन में व्यतीत करना पड़ता है, वहीं जब टिकट
खिड़की पर पहुंचते हैं तो ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट बताई जाती है ऐसे
में लोग या तो वेटिंग लिस्ट का टिकट बनवाते हैं या फिर बिना टिकट बनवाकर
मायूस होकर लौट आते हैं।
उधर, रविवार को अप रूट की सद्भावना एक्सप्रेस के
निरस्त होने से यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी। अप रूट की दिल्ली तक जाने
वाली सद्भावना एक्सप्रेस रविवार के लिए निरस्त कर दी गई। ऐसे में सबसे
ज्यादा परेशानी उन यात्रियों को हुई जिन्हाेंने होली के बाद वापस लौटने को
सद्भावना एक्सप्रेस से आरक्षण कराया था।
स्टेशन अधीक्षक ने बताया कि ट्रेन
निरस्त होने पर यात्रियों को रिफंड कर दिया गया।