पदोन्नति में आरक्षण समाप्त करने के विरोध में रविवार
को आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के तत्वावधान में गांधी भवन में हुए
महासम्मेलन में आरक्षण संवैधानिक संशोधन बिल को लोस में पास कराने व प्रदेश
सरकार द्वारा दलित उत्पीड़न पर रोक लगाने की बात कहते हुए आंदोलन की
चेतावनी दी गई।
समिति संयोजक ने पदोन्नति में संवैधानिक बिल पास न होने
पर मोदी सरकार के खिलाफ हल्ला बोल की चेतावनी दी। मुख्य अतिथि समिति संयोजक
अवधेश वर्मा ने समाज के महापुरुषों को पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम की
शुरुआत की और कहा कि कर्मियों को एकजुटता का परिचय देते हुए अपनी संवैधानिक
लड़ाई को और तेज करना होगा।
कहा कि यदि इसी तरह से एकजुट रहे, तो मोदी
सरकार को बिल पास करना होगा। डा. राम शब्द जैसवार ने कहा कि आरक्षित सीट को
जीतकर आने वाले सांसदों व विधायकों का दायित्व है कि वह सरकार की आरक्षण
विरोधी नीति का विरोध करें। इंजीनियर आरपी के न ने कहा कि सभी अनुसूचित
जाति व जनजाति के कार्मिकों को किसी भी सामान्य सेवा संगठन में सदस्य नहीं
रहना चाहिए।
किसी भी विभाग में जितने भी कार्मिक हों वह अपना अलग संगठन
बना लें। जिलाध्यक्ष राजकुमार कपिल ने कहा कि लोस में आरक्षण संबंधी
संवैधानिक बिल विशेष सत्र बुलाकर पास किया जाए और पदोन्नत में आरक्षण
संबंधी बिल को नौंवीं सूची में डाला जाए।
सपा के 57 दलित विधायकों को सत्ता
से बाहर का रास्ता दिखाने को जन जागरण अभियान चलाया जाए। महासम्मेलन में
अनिल कुमार, राम बरन, अंजनी कुमार, सिद्धार्थ कुमार, अजातशत्रु, एसपी
वर्मा, अशोक कुमार, कीर्ति कुमार, मूलचंद्र, एसपी कुरील, तारकचंद्र व रमेश
प्रसाद आदि मौजूद थे।