हरदोई। बंटवारे के वाद पर रिपोर्ट लगाने के नाम पर रिश्वत लिए जाने के आरोप में निलंबित दोनों लेखपालों के विरुद्ध डीएम अनुनय झा की सख्ती को देखते हुए कोतवाली शहर में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। सदर तहसील के राजस्व निरीक्षक कार्यालय ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। कोतवाली शहर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच-पड़ताल शुरू कर दी है।
सदर तहसील के अधिष्ठान कार्यालय के राजस्व निरीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव की तरफ से दर्ज कराई गई एफआईआर में शिकायत का उल्लेख किया गया है। कहा है कि अर्द्धनारीश्वर इंफ्रा प्राइवेट लि. के निदेशक मनीष रस्तोगी ने डीएम से शिकायत दर्ज कराई थी।
जिसमें कहा था कि दो साल पहले उन्होंने ग्राम पंचायत हरदोई देहात मजरा गुरगुज्जा में रमेश चंद्र से 0.114 हेक्टेयर जमीन फर्म के नाम से खरीदी थी। उस जमीन पर कब्जा नहीं मिला है। मनीष रस्तोगी ने भूमि पर कब्जा और चिह्नांकन कराए जाने के लिए तत्कालीन लेखपाल वेद प्रकाश अग्निहोत्री और प्रधान श्यामू सिंह से कहा।
जिस प्रधान श्यामू सिंह ने तीन किस्तों 9,00,000 रुपये फरवरी 2024 तक ले लिए। भूमि पर कब्जा नहीं दिलाया गया। तत्कालीन लेखपाल वेद अग्निहोत्री के कहने पर बंटवारे का वाद न्यायालय में योजित किया। वाद पर रिपोर्ट लगाने के लिए तत्कालीन लेखपाल संगीत वाजपेयी ने भी छह माह पहले 3,00,000 रुपये लिए और फिर से 50,000 रुपये लिए।
जिस पर 11 अक्तूबर को तहसीलदार सदर से जांच कराई गई। जिसमें तत्कालीन और वर्तमान में तहसील शाहाबाद में तैनात लेखपाल वेद अग्निहोत्री और सदर तहसील में तैनात लेखपाल संगीत वाजपेयी को भ्रष्टाचार, पदीय दायित्वों व कर्तव्यों के पालन में लापरवाही का दोषी पाया गया। एडीएम प्रफुल्ल त्रिपाठी ने बताया कि दोनों लेखपालों को रविवार को ही निलंबित कर दिया गया था।