हरदोई। रोहित बनकर किशोरी को बहलाकर दुष्कर्म करने वाले रहमत को कोर्ट ने दस साल की सजा सुनाई है। ढाई साल पुराने मामले में कोर्ट ने दोषी पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
देहात कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी शख्स ने 18 जुलाई 2022 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि 12 जुलाई 2022 की सुबह उसकी पुत्री (16) घर से ट्यूशन पढ़ने गई थी। दोपहर में करीब तीन बजे तक वापस नहीं आई तो तलाश किया। जानकारी न मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ बहलाकर ले जाने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी।
विवेचना में दिल्ली के प्रेम नगर मोहल्ला निवासी रहमत अली के वारदात में शामिल होने का पता चला था। किशोरी ने न्यायालय में बताया था कि वह कक्षा आठ तक दिल्ली में पढ़ी है। इसी दौरान रहमत अली से जान-पहचान हो गई थी। रहमत ने अपना नाम रोहित बताता था। फोन पर बातचीत भी होती थी। वारदात वाले दिन रहमत हरदोई आया था और बहलाकर अपने साथ दिल्ली ले गया था।
वहां से बेंगलुरु ले गया और करीब 15 दिन साथ रखा था। इस दौरान किशेारी के साथ दुष्कर्म भी किया था। पुलिस ने जब आरोपी को गिरफ्तार किया था तो उसका असली नाम पता चला था। अभियोजन पक्ष की ओर से सात गवाहों को भी पेश किया गया। इसके साथ ही 10 अभिलेखीय साक्ष्य भी पेश किए गए। 66 पेशियों की सुनवाई के बाद अपर जिला जज (विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट) मनमोहन सिंह ने सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भी काटनी होगी।