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अनुदान मामले के अभिलेख कब्जे में लिए

Mon, 01 Jun 2015 11:59 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
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राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना में फर्जीवाड़ा कर मुर्दाें को अनुदान देने के मामले में हरपालपुर और अरवल थाने में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद शुरू हुई जांच ने अब तेजी पकड़ ली है। मामले की जांच कर रहे हरपालपुर थाने के विवेचक ने सोमवार को फिर फर्जी आवेदनों के अभिलेखों को एकत्रित कर समाज कल्याण अधिकारी की मौजूदगी में सील कर दिया।
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इन सीलबंद अभिलेखों को कोर्ट में पेश किया जाएगा। ज्ञात हो कि सवायजपुर तहसील क्षेत्र के भरखनी विकास खंड के मुंडेर गांव में मृतकों के आश्रितों को राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना का अनुदान जारी करा दिया गया था। मामले का खुलासा होने के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर तत्कालीन एसडीएम सवायजपुर ने बिचौलिये और कुछ लाभार्थियों समेत 11 लोगों के विरुद्ध अरवल और हरपालपुर थाने में फर्जीवाड़े की रिपोर्ट दर्ज करवाई।

बिचौलिये और लाभार्थियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज होने के बाद अब जांच शुरू हो गई। विगत शुक्रवार को मामले में विवेचक हरपालपुर थाने के दारोगा जयवीर सिंह यादव ने आकर जांच शुरू की और जिला समाज कल्याण अधिकारी एसएस श्रीवास्तव से पूछताछ की।
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वहीं सोमवार को एक बार फिर से समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय पहुंचकर उन लाभार्थियों के अभिलेखों को जांचा, जिनके नाम से अनुदान निकालने में फर्जीवाड़ा किया गया। दारोगा ने समाज कल्याण कार्यालय पहुंच कर अभिलेखों को देखा, जिसमें सांडी थाना क्षेत्र के सात आवेदक और हरपालपुर थाना क्षेत्र के दो आवेदकों के अभिलेखों को जब्त कर उनको सीलबंद किया गया।

जिसमें हरपालपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत रामवती की पत्रावलियां पूरी नहीं मिली, जिसको भी दारोगा द्वारा लिफाफे  पर लिखकर समाज कल्याण अधिकारी की उपस्थिति में सीलबंद किया। बताया जा रहा कि सीलबंद लिफाफे को कोर्ट में ही खोला जाएगा।

उधर, राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना में हुए फर्जीवाड़े का खुलासा सवायजपुर तहसील क्षेत्र के विकास खंड भरखनी के गांव मुंडेर में हुआ था, ऐसे में उपनिरीक्षक द्वारा तहसील से भी अभिलेख जुटाए जा रहे हैं।

चूंकि लाभार्थियों की पात्रता की जांच कर रिपोर्ट देना और आवेदनों की स्वीकृति का कार्य तहसील स्तर से होता है, ऐसे में तहसील स्तरीय कर्मियों की मिलीभगत होने की संभावना अधिक है, जिसके चलते तहसील स्तर से अभिलेख देने में भी थोड़ी कोताही बरती जा रही है।
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